ताज़ा खबर
 

RSS की बैठक में उठा राम मंदिर का मुद्दा, मनमोहन वैद्य बोले- निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण करे सरकार

वैद्य ने कहा, ‘‘अब हमारे पास सबूत हैं...साथ ही मुद्दा बिना फैसले के अदालत में लंबे समय से लंबित है। अब मुद्दा बस जमीन अधिग्रहण करने और मंदिर निर्माण के लिए इसे सौंपने का है।’’

आरएसएस के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य। Express Photo by Javed Raja.

राष्‍ट्रीय स्वयंसेवक संघ के निर्णय लेने वाले प्रमुखों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक बुधवार (31 अक्टूबर) को मुंबई के बाहरी इलाके भायंदर में शुरू हो गई। इस बैठक में भाजपा के नेता भी शामिल होने वाले हैं। तीन दिवसीय इस बैठक को आरएसएस के केशव स्मृति कैंपस में आयोजित किया गया है। इस बैठक में करीब 350 गणमान्य सदस्य भाग लेंगे। इन सदस्यों में सर संघचालक मोहन भागवत, अन्य राष्ट्रीय पदाधिकारी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अलावा अन्य संगठन जैसे विश्व हिंदू परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय मजदूर संघ और भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी भाग लेंगे।

बैठक के पहले दिन यानी बुधवार (31 अक्टूबर, 2018) को आरएसएस ने बुधवार को केंद्र से 1994 में उच्चतम न्यायालय में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा किये गए वादों को पूरा करने का अनुरोध किया। संघ ने कहा कि तत्कालीन सरकार इस बात पर सहमत हो गयी थी कि यदि बाबरी मस्जिद बनाने से पहले वहां मंदिर होने के साक्ष्य पाये गये तो वह हिन्दू समुदाय का साथ देगी।

आरएसएस के सह सरकार्यवाह मनमोहन वैद्य ने संवाददाताओं से कहा कि उत्तरप्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर बनाने का मुद्दा हिंदू और मुस्लिम समुदाय तक ही सीमित नहीं है। वैद्य ने बुधवार को केंद्र सरकार से राम मंदिर के लिए या तो कानून बनाने या फिर अध्यादेश लाकर तेजी से उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू करने की अपनी बात दोहराई।

मनमोहन वैद्य भयंदर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी में संगठन की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक का शुभारंभ करने के बाद वैद्य ने मीडिया को संबोधित कर रहे थे। वैद्य ने कहा, ‘‘न्यायालय ने कहा था कि नमाज के लिए मस्जिद जरूरी नहीं है और सड़कों पर भी नमाज अदा की जा सकती है। इसके अलावा जबरन अधिग्रहित जमीन पर नमाज अदा नहीं की जा सकती। अदालत ने यह भी कहा है कि यह (जमीन का अधिग्रहण) धार्मिक कृत्य नहीं है।’’

बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा था कि अगले साल जनवरी से उचित पीठ राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी। इसके बाद विवादित स्थल पर मंदिर के जल्द निर्माण के लिए कानून बनाए को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और आरएसएस के भीतर से मांग उठने लगी है। कांग्रेस कह चुकी है कि सभी पक्षों को न्यायालय के आदेश का पालन करना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि 1994 में कांग्रेस के शासन के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने उच्चतम न्यायालय में हलफनामा देकर कहा था कि अगर सबूत मिलता है कि मंदिर को ढहाकर मस्जिद का निर्माण हुआ था तो सरकार हिंदू समुदाय की भावनाओं के साथ है। वैद्य ने कहा, ‘‘अब हमारे पास सबूत हैं…साथ ही मुद्दा बिना फैसले के अदालत में लंबे समय से लंबित है। अब मुद्दा बस जमीन अधिग्रहण करने और मंदिर निर्माण के लिए इसे सौंपने का है।’’

आरएसएस नेता ने कहा कि मुद्दा हिंदुओं और मुसलमानों या मंदिर अथवा मस्जिद तक ही सीमित नहीं है बल्कि देश की गरिमा को बहाल करने का है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को अब 1994 में किये गए वादों को पूरा करना चाहिए।’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा के अनावरण पर वैद्य ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उसे इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश को पटेल की उपलब्धि पर गर्व है। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को हर चीज की आलोचना करने की आदत है लेकिन वे साबित कुछ नहीं कर पाते। यह राष्ट्रीय गौरव का मुद्दा है। सरदार पटेल ने आजादी के बाद देश की एकता में बड़ी भूमिका निभाई थी इसलिए उन्हें लौह पुरूष कहा जाता है।’’ वैद्य ने कहा कि पटेल की प्रतिमा से युवा प्रेरणा लेंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App