Mohan Bhagwat News: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है, लेकिन इसे सबसे ज्यादा गलत समझा जाता है।” आरएसएस के शताब्दी समारोह के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि यह कार्यक्रम लोगों को संगठन के बारे में बेहतर समझ देने के लिए आयोजित किया गया है।

मोहन भागवत ने कहा, “यह कार्यक्रम एक ऐसे संगठन को समझने का अवसर प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया है जिसे अक्सर गलत समझा जाता है। लोग कहते हैं कि यह दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है और साथ ही साथ, सबसे गलत समझे जाने वाले संगठनों में से एक है।” आरएसएस चीफ ने आगे कहा, “जैसे ही हमने अपने काम के 100वें वर्ष में प्रवेश किया, यह निर्णय लिया गया कि हमें एक बार फिर लोगों तक पहुंचना चाहिए और उन्हें संघ के बारे में बताना चाहिए।”

भागवत ने कहा कि आरएसएस को बाहर से देखने वाले लोग इसे अलग-अलग दृष्टिकोण से देख सकते हैं। उनके अनुसार, स्वयंसेवकों द्वारा वर्दीधारी पदयात्राओं के कारण कुछ लोगों को यह संगठन एक अर्धसैनिक बल के रूप में दिखाई दे सकता है, जबकि अन्य इसे भारतीय खेलों और मार्शल आर्ट को बढ़ावा देने के कारण अखिल भारतीय व्यायामशाला के रूप में देख सकते हैं।

संघ को बाहर से समझना मुश्किल- मोहन भागवत

मोहन भागवत कहा, “लेकिन बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। संघ को बाहर से समझना मुश्किल है।” प्रत्यक्ष सहभागिता की जरूरत पर जोर देते हुए भागवत ने कहा, “आरएसएस को समझने का सबसे अच्छा तरीका इसके साथ जुड़ना और इसे भीतर से अनुभव करना है।” हालांकि, ऐसा करने के लिए, पहले यह भरोसा होना चाहिए कि इसे आजमाना और समझना सुरक्षित है। कोई लेक्चर या किताब संघ के बारे में कम से कम इतनी समझ तो दे ही सकती है।

संगठन को सबसे ज्यादा गलत समझा जाता है- मोहन भागवत

मोहन भागवत ने आगे कहा कि आरएसएस न तो किसी खास स्थिति की प्रतिक्रिया के तौर पर बना था और न ही समाज के किसी वर्ग या किसी राजनीतिक दल के विरोध में खड़ा था। आरएसएस प्रमुख ने कहा, “लोग कहते हैं कि यह दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है, लेकिन इसे सबसे ज्यादा गलत भी समझा जाता है।”

भागवत ने कहा कि संगठन ने अपने शताब्दी वर्ष के हिस्से के रूप में लोगों से जुड़ने और अपने काम को समझाने का फैसला किया है क्योंकि इसे लेकर कई गलतफहमियां हैं। उन्होंने कहा कि संघ देश के कल्याण में योगदान देने और देश की सेवा के प्रयासों को जारी रखने के मकसद से बना था।

यह भी पढे़ं: ‘जिनके पास शक्ति होती है, दुनिया उनकी सुनती है’, RSS चीफ मोहन भागवत ने देश के उत्थान पर कहीं ये बातें

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने वर्तमान वैश्विक परिस्थिति में भारत के महत्व को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि हम देश को समृद्ध बनाना चाहते हैं क्योंकि दुनिया सत्ताधारियों को ही सुनती है। उन्होंने कहा कि केवल शक्ति ही सम्मान दिलाती है। यहां क्लिक कर पढे़ं पूरी खबर…