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संघ आयोजित करने जा रहा लेक्‍चर सीरीज, 60 देशों को न्‍योता, पाकिस्‍तान को नहीं

राष्ट्रीय स्वंय सेवक 17 सितंबर से तीन दिवसीय लेक्चर सीरीज का आयोजन करने जा रहा है। इसके लिए पाकिस्तान को छोड़ 60 देशों को निमंत्रण दिए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ राजधानी दिल्ली में अगले सप्ताह तीन दिवसीय लेक्चर सीरीज का आयोजन करने जा रहा है। इसके लिए जल्द ही 60 देशों को निमंत्रण दिए जाएंगे, लेकिन पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। संघ प्रमुख मोहन भागवत इस सीरीज को संबोधित करेंगे और ऑडीअन्स से सवाल भी लिए जाएंगे। इसके साथ ही संघ देश के राष्ट्रीय और क्षेत्रिय पार्टियों को भी आमंत्रित कर रहा है, जो विभिन्न मुद्दों पर आक्रामक रूप से संघ पर प्रहार करते हैं। राजनयिक मिशन और राजनीतिक दलों के अलावा आरएसएस उद्योग, मीडिया और अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर सकता है।

संघ के एक कार्यकर्ता ने बताया, “पाकिस्तान को छोड़कर अधिकांश एशियाई देशों के दूतावासों को निमंत्रण भेजा जाएगा। पाकिस्तान को इसलिए आमंत्रित नहीं किया जा रहा है क्योंकि यह देश आतंकवाद का समर्थन करता है। बार्डर पर तैनात भारतीय सैनिक को मारता है। भारत के साथ इसके रिश्ते तनावपूर्ण हैं। चीनी दूतावास को आमंत्रित किया जाएगा क्योंकि चीन और भारत के बीच सांस्कृतिक समानताएं हैं।” वहीं,  पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं करने के बारे में पूछे जाने पर आरएसएस दिल्ली इकाई प्रचारक प्रमुख राजीव तुली ने किसी तरह की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

तीन दिवसीय लेक्चर सीरीज 17 सितंबर से शुरू होने वाली है। इसमें  मोहन भागवत “भारत का भविष्य: एक आरएसएस परिप्रेक्ष्य” पर प्रमुख नागरिकों सहित एक चुनिंदा श्रोताओं को संबोधित करेंगे और बातचीत करेंगे। 27 अगस्त को आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमाने लेक्चर सीरीज की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, “आज भारत दुनिया के राष्ट्रों के बीच दुनिया में अपनी विशेष और अद्वितीय स्थिति हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही, आरएसएस यह महसूस कर रहा है कि राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर आरएसएस के परिप्रेक्ष्य को जानने के लिए समाज के बड़े वर्गों में उत्सुकता बढ़ी है। लेक्चर सीरीज में संघ प्रमुख मोहन भागवत उन उत्सुकताओं को शांत करेंगे। राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर संघ के विचार को प्रस्तुत करेंगे।”

इस कार्यक्रम के पहले दिन भागवत आरएसएस संगठन, इसकी विचारधारा, विजन व कार्यक्रम के बारे में बताएंगे। अगले दिन वे राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न समकालीन मुद्दों जैसे आरक्षण, हिंदुत्व और सांप्रदायिकता पर विचार रखेंगे। यह संघ का पहला ऐसा कार्यक्रम होगा, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर सीधा संवाद होगा। पहले दो दिन ऑडीअन्स के लिखित सवाल लिए जाएंगे। इसके बाद इन्हें शार्टलिस्टेड किया जाएगा और अंतिम दिन सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि संघ देश के सभी राष्ट्रीय पार्टी के प्रमुखों को अपने साथ पार्टी के अन्य चार से पांच सदस्यों के साथ कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित करेगा। इसके साथ ही उन पार्टियों को भी आमंत्रित किया जाएगा जिनकी क्षेत्रिय स्तर पर मजबूत पकड़ है, जैसे कि टीएमसी, समाजवादी पार्टी, डीएमके व अन्य।

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