कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की मांगों के समर्थन और विपक्षी व सरकार के कहने पर सोनम वांगचुक ने एक दिन पहले अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। इधर शुक्रवार को वरिष्ठ आरएसएस पदाधिकारी इंद्रेश कुमार ने उन्हें सलाह दी कि वे अपना आंदोलन भारतीय बनाए रखें।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन पर विदेशी ताकतों का कब्जा हो गया है। जम्मू में मीडिया से बात करते हुए इंद्रेश कुमार ने सोनम वांगचुक और सीजेपी को दो अलग-अलग संस्थाएं बताया।
सीजेपी विदेशी ताकतों के साथ कर रही काम- संघ पदाधिकारी
उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी विदेशी ताकतों की एजेंसी के तौर पर काम कर रही है। साथ ही दावा किया कि आंदोलन का समर्थन करने वाली राजनीतिक पार्टियों के अपने एजेंडे हैं।
कठपुतली न बनें सोनम वांगचुक- इंद्रेश कुमार
आगे उन्होंने सोनम वांगचुक से कहा कि वे विदेशियों के हाथों की कठपुतली न बनें। RSS पदाधिकारी ने आरोप लगाया कि सकारात्मक राजनीति का माहौल खराब करने की कोशिशें की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने शुरुआत में नीट परीक्षा का मुद्दा उठाया था, लेकिन बाद में राजनीतिक फायदे के लिए आंदोलन का रुख मोड़ दिया गया।
उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रही प्रदर्शन वाली जगह पर आए युवाओं से सावधान रहने और देश के साथ धोखा और विश्वासघात करने वालों की कठपुतली या एजेंट न बनने की सलाह भी दी।
बाहरी ताकतें इन आंदोलनों को दे रहीं बढ़ावा
इंद्रेश कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि देश में राजनीति का माहौल खराब करने और भारत को एक विकसित, समृद्ध और शिक्षित राष्ट्र बनने से रोकने के लिए आंतरिक और बाहरी ताकतें इन आंदोलनों को बढ़ावा दे रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि हाल के वर्षों में भारत ने दुनिया भर में अभूतपूर्व पहचान कमाई है और इनोवेशन व हजारों स्टार्ट-अप्स की वजह से देश एक ग्लोबल रोल मॉडल के तौर पर उभरा है। उन्होंने युवाओं से देश के निर्माण में रचनात्मक भूमिका निभाने और भारत के विकास में सहयोग करने की अपील की।
पाकिस्तान की भी आलोचना की
इंद्रेश कुमार ने भारत में हिंसा को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की भी आलोचना की। कश्मीर घाटी में हाल ही में एक पुलिस कॉन्स्टेबल की हत्या का जिक्र करते हुए, RSS पदाधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान भारत को अस्थिर करने की कोशिशों के तहत अपनी नीतियां अपना रहा है।
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छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच सामाजिक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में 26 दिनों का अपना आमरण अनशन खत्म कर दिया है। इसमें कांग्रेस के एक सांसद की अहम भूमिका थी, जिनका नाम है विवेक तन्खा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
