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आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने समझाया कट्टर हिंदुत्व का मतलब, बोले- सारे हिंदुओं को एक होना होगा

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार (25 फरवरी) को कहा कि हिंदुओं को एकजुट होना होगा जैसा कि भारत के प्रति उनकी जिम्मेदारी है और अगर देश अच्छा नहीं करता है तो हिंदुओं से सवाल किया जाएगा।

राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत। (फाइल फोटो, PTI)

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार (25 फरवरी) को कहा कि हिंदुओं को एकजुट होना होगा जैसा कि भारत के प्रति उनकी जिम्मेदारी है और अगर देश अच्छा नहीं करता है तो हिंदुओं से सवाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के लिए प्रचीन समय से भारत उनका घर है और दुनिया में उनके लिए कोई दूसरी जगह नहीं है जहां वे जा सकें। उत्तर प्रदेश के मेरठ में आयोजित आरएसएस के समागम में मोहन भागवत ने कहा- ”गर्व से कहो कि तुम हिंदू हो। जैसा कि हम हिंदू हैं तो हमें एकजुट होना होगा क्योंकि देश की जिम्मेदारी हमारे ऊपर है। प्रचीन समय से यह हमारा घर है। दुनिया में कहीं और जाने के लिए हमारे पास जगह नहीं है। अगर इस देश के साथ कुछ गलत होता है तो हम जिम्मेदार होंगे।” मोहन भागवत राष्ट्रोदय के नाम से आयोजित किए गए 25वें स्वयं सेवक समागम में बोल रहे थे।

कहा जा रहा है कि आरएसएस के इस समागम में पिछले तीन वर्षों में हुईं सभाओं के मुकाबले सबसे ज्यादा करीब 3 लाख लोग जुटे थे। भागवत में देश के लिए गर्व करने को इसकी पहचान और संस्कृति बताया और कहा कि जो देश ऐसा नहीं करता, उसकी तरक्की नहीं होती है। उन्होंने कहा- ”हम जाति के आधार पर लड़ रहे हैं जो कि हमारे रास्ते में अवरोध पैदा कर रहा है। उनके समुदाय के बावजूद हमें कहना पड़ता है कि सभी हिंदू भाई हैं। जो लोग भारत माता, उसकी संस्कृति में यकीन रखते हैं वो भारत के हिंदू पूर्वजों की हिंदू संताने हैं। इस देश में ऐसे हिंदू भी हैं जो यह नहीं जानते हैं कि वे हिंदू हैं।”

भागवत ने जोर दिया कि हिंदुओं ने हमेशा विविधता का जश्म मनाया। उन्होंने कहा- ”हमारे पूर्वजों को परम सत्य मिला। वह सत्य यह है कि सभी का अस्तित्व एक है। जब इसे भौतिक परिप्रेक्ष्य में देखते हैं, यह विविध दिखाई पड़ता है। लेकिन अंदर से सभी एक हैं। हम बस विविधता में एकता नहीं देखते हैं। हम इस एकता की विविधता को पहचानते हैं। यही कारण है कि हम विविधता का सम्मान करते हैं और जश्न मनाते हैं।” उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी हिंदुत्व अहिंसा के प्रति सच्चाई और प्रतिबद्धता के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जब हम कट्टरपंथी बनेंगे तो हम विविधता का और ज्यादा जश्न मनाएंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया का एक नियम है, लोग तभी अच्छी बातें सुनते हैं जब पीछे कोई ताकत खड़ी होती है।

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