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सरकारी संस्थानों में टॉप पर RSS से जुड़े लोग, IIMC से लेकर प्रसार भारती और IGNCA तक नियुक्ति, जानें- किस पद पर कौन?

कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ ने कहा है कि "यदि कोई अयोग्य व्यक्ति है तो सामान्य बात है कि उसे रिमोट कंट्रोल द्वारा संचालित किया जाएगा। यह साफ है कि अब इन संस्थानों को भाजपा साथ ही नागपुर संस्थान (आरएसएस) द्वारा नियंत्रित किया जाएगा।"

modi government, RSS, bjp,मोदी सरकार में कई अहम पदों पर आरएसएस से जुड़े लोगों की नियुक्ति की गई है। (फाइल फोटो)

नरेंद्र मोदी सरकार ने हाल के समय में शैक्षिक और सांस्कृतिक संस्थानों में जो नियुक्तियां की हैं, उनमें अधिकतर आरएसएस से जुड़े लोग शामिल हैं। इन नियुक्तियों में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशंस (IIMC) और प्रसार भारती प्रमुख जैसे अहम पद शामिल हैं। मिनिस्टरी ऑफ कल्चर के तहत आने वाले इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स, ललित कला अकादमी और सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्स एंड ट्रेनिंग के अहम पदों पर भी आरएसएस से जुड़े लोगों को तरजीह दी गई है।

कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ ने इन निुक्तियों पर सवाल खड़े किए हैं और अपने एक बयान में कहा है कि “इन सभी संस्थानों में नियुक्तियां योग्यता के आधार पर होनी चाहिए। क्या ये लोग इन पदों के योग्य हैं या नहीं? यदि कोई अयोग्य व्यक्ति है तो सामान्य बात है कि उसे रिमोट कंट्रोल द्वारा संचालित किया जाएगा। यह साफ है कि अब इन संस्थानों को भाजपा साथ ही नागपुर संस्थान (आरएसएस) द्वारा नियंत्रित किया जाएगा।”

विभिन्न संस्थानों में आरएसएस बैकग्राउंड के लोगों की नियुक्ति का विवरण नीचे दिया गया है।

प्रसार भारती रिक्रूटमेंट बोर्डः प्रसार भारती रिक्रूटमेंट बोर्ड का चेयरपर्सन जगदीश उपासने को चुना गया है। बता दें कि भारत प्रकाशन के निदेशक जगदीश उपासने इससे पहले माखनलाल चतुर्वेदी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन के वाइस चांसलर भी रह चुके हैं। जब मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार सत्ता में आयी थी तो जगदीश उपासने ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उपासने इससे पहले आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर और पंचजन्य के संपादक भी रह चुके हैं।

IIMC: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन के नए डीजी प्रोफेसर संजय द्विवेदी हैं, जिनकी नियुक्ति एक जुलाई को ही की गई है। द्विवेदी इससे पहले आरएसएस समर्थित छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं। साथ ही माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी के कार्यकारी वीसी भी रह चुके हैं।

इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर ऑफ आर्ट्सः संस्कृति मंत्रालय के अहम संस्थानों में से एक इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर ऑफ आर्ट्स के मौजूदा सचिव डॉ. सचिदानंद जोशी का भी जुड़ाव आरएसएस के साथ रहा है। दरअसल जोशी इससे पहले आरएसएस के संगठन भारतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। द प्रिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, डॉ.जोशी नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी की वित्त कमेटी के भी सदस्य हैं।

सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्ट एंड ट्रेनिंगः इस संस्थान की अध्यक्ष डॉ. हेमलता एस.मोहन बनायी गई हैं। इससे पहले डॉ. हेमलता आरएसएस से संबंधित संस्कार भारती से जुड़ी रहीं थी।

इंडियन काउंसिल ऑफ कल्चरल रिलेशंसः भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धि फिलहाल इंडियन काउंसिल ऑफ कल्चरल रिलेशंस के चेयरपर्सन हैं। डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धि राज्यसभा सांसद भी हैं।

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