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J&K में नेताओं को होटल में नजरबंद करने का आया 2.65 करोड़ रुपये का खर्च! दूसरी जगह शिफ्ट करने पर विचार कर रही सरकार

नेशनल कांफ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और कई स्थानीय पार्टी के इन नेताओं को नजरबंद कर इंडियन टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के होटल में रखा गया था। इन सभी को यहां रखने का कर्च 2.65 करोड़ रुपये आया है।

Author नई दिल्ली | Updated: November 5, 2019 1:15 PM
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटोः ANI)

जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद सुरक्षा के लिहाज से पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला समेत कई नेताओं को नजरबंद किया गया था। मुफ्ती को चश्मे शाही में पर्यटन विभाग की हट में रखा गया है और अब्दुल्ला नेहरू जलवायु नजरबंद हैं। बाकी नेताओं को नजरबंद कर होटल में रखा गया है। लेकिन अब इन नेताओं को सरकार कहीं और शिफ्ट करने का विचार कर रही है। दरअसल नेशनल कांफ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और कई स्थानीय पार्टी के इन नेताओं को नजरबंद कर इंडियन टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के होटल में रखा गया था। इन सभी को यहां रखने का कर्च 2.65 करोड़ रुपये आया है ऐसे में सरकार इन्हें डल-झील के किनारे संतूर होटल में शिफ्ट करने के बारे में सोच रही है।

न्‍यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक इन नेताओं को हॉस्‍टल या फिर शहर के किसी अन्‍य होटल में शिफ्ट किया जा सकता है। जम्‍मू कश्‍मीर प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि सरकार नेताओं को शिफ्ट करने के बारे में सोच रही है। इसके लिए कोई दूसरी जगह तलाशी जा रही है। इस रिपोर्ट के अनुसार नजरबंद नेताओं को एमए रोड स्थित एमएलए हॉस्‍टल या फिर शहर के किसी अन्‍य होटल में शिफ्ट किया जा सकता है।

अधिकारी ने बताया कि होटल में नेताओं कि नज़रबंदी के चलते वे शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में कार्यक्रम आयोजित नहीं कर प रहे हैं। वहीं जिस होटल में उन्हें नज़रबंद किया गया है उसका बिल बढ़ता ही जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि होटल के प्रबंधन ने तीन महीने की नजरबंदी के लिए गृह मंत्रालय को 2.65 करोड़ रुपये का बिल सौंपा है।

अधिकारी ने बताया कि सरकार से नज़रबंद किए गए हर व्यक्ति के 5000 रुपये लिए जा रहे थे। लेकिन 800 रुपये ही मंजूर किए जाएंगे। बता दें नज़रबंद किए गए लोगों में पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सजाद लोन, पीडीपी के नईम अख्तर, नेकां के अली मोहम्मद सागर और पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फैसल शामिल हैं। जम्मू और कश्मीर से अनुछेद 370 हटाने के बाद राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया है।

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