आगरा कैंट स्टेशन पर एक डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में भारतीय रेलवे ने आरपीएफ कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुआ था। यह घटना उस वक्त घटी जब ट्रेन नंबर 20808 अमृतसर-विशाखापत्तनम हीराकुंड एक्सप्रेस अपने तय समय पर सुबह 10:51 बजे आगरा कैंट स्टेशन पर पहुंची। यह ट्रेन स्टेशन से रवाना होने लगी और कुछ ही देर बाद फिर से रुक गई।
ट्रेन के रुकने के बाद आरपीएफ जवानों और ऑपरेशन्स डिपार्टमेंट के बीच विवाद हुआ। इस घटना के वायरल वीडियो में आरपीएफ स्टाफ डीवाईएसस के साथ बदसलूकी करते हुए नजर आ रहे हैं।
मामले की जांच चल रही है- सीपीआरओ शिवम शर्मा
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शिवम शर्मा ने बताया, “ट्रेन के रुकने की वजह को लेकर आरपीएफ और डीवाईएसस के बीच कुछ गलतफहमी हो गई थी।” शर्मा ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह विवाद स्टेशन पर कुछ महिलाओं के ट्रेन से उतरने की वजह से हुआ था, तो अधिकारी ने जवाब दिया, “नहीं, अभी ऐसा नहीं कहा जा सकता।”
रेलवे प्रशासन ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई
इस बीच, मामले का तुरंत संज्ञान लेते हुए रेलवे प्रशासन ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति में असिस्टेंट ऑपरेशन्स मैनेजर, असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर, आरपीएफ, आगरा और असिस्टेंट डिविजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, आगरा शामिल हैं।
उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, “जांच समिति को जल्द से जल्द जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए, वीडियो में दिख रहे आरपीएफ जवान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे एक्ट के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
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