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Rohith suicide case: अब दलित छात्र के उत्पीड़न के आरोपी को बनाया ‘अंतरिम कुलपति’

दलित शोधार्थी रोहित वेमुला की मौत को लेकर विरोध का सामना कर रहे हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति अप्पा राव पोदिले रविवार को छुट्टी पर चले गए, लेकिन प्रदर्शन और भी तेज हो गया क्योंकि दलित शिक्षकों ने आरोप लगाया कि अंतरिम प्रभार संभालने वाले प्रोफेसर की इस मामले तथा एक अन्य दलित छात्र की खुदकुशी के मामले ‘गहरी संलिप्तता’ थी।

Author हैदराबाद | January 25, 2016 09:11 am
दलित शोषण मुक्ति सभा के सदस्य शिमला में हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोधार्थी रोहित वेमुला की खुदकुशी मामले में इंसाफ मांगते हुए। (पीटीआई फोटो)

दलित शोध छात्र रोहित वेमुला की मौत को लेकर विरोध का सामना कर रहे हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति अप्पा राव पोदिले रविवार को छुट्टी पर चले गए। उनकी जगह अब प्रोफेसर विपिन श्रीवास्तव काम संभालेंगे। इस बीच छात्रों का प्रदर्शन और तेज हो गया है। दलित शिक्षकों ने आरोप लगायाा कि अंतरिम प्रभार संभालने वाले प्रोफेसर की इस मामले और एक अन्य दलित छात्र की खुदकुशी के मामले ‘गहरी संलिप्तता’ थी। अनशन कर रहे छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के एक दिन बाद सात छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। कुलपति को बर्खास्त करने सहित उनकी कई मांगे हैं।

विश्वविद्यालय ने वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा-‘कुलपति छुट्टी पर होंगे। कुलपति की गैरहाजिरी में वरिष्ठ प्रोफेसर विपिन श्रीवास्तव 24 जनवरी, 2016 से कुलपति के कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।’ बहरहाल, इस बयान में कुलपति के छुट्टी पर जाने की अवधि का जिक्र नहीं किया गया है। यह घटनाक्रम रविवार को उस वक्त हुआ जब एक दिन पहले ही आंदोलनकारी छात्रों ने अपनी मांगों पर जोर देने के लिए ‘चलो एचसीयू’ मार्च का आह्वान किया है। छात्रों की मांगों में कुलपति को हटाए जाने की मांग भी शामिल है।

इस बारे में संपर्क किए जाने पर पोदिले ने छुट्टी पर जाने की पुष्टि की और कहा कि उन पर कोई दबाव नहीं था। उन्होंने कहा-‘किसी का दबाव नहीं था। अपने विश्वविद्यालय के लिए यह मेरी चिंता है। हम अब इस मुद्दे का समाधान करना चाहते हैं। फिलहाल गतिरोध है और इस गतिरोध को खत्म करने के लिए हमें कुछ व्यवस्था करनी थी, जहां मुझे सलाह दी गई कि परिसर से थोड़ा दूर रहिए और किसी को वहां कमान लेनी है। हमारे यहां वरिष्ठ प्रोफेसर को प्रभारी बनाए जाने की व्यवस्था है और यही हमने किया है।’

यह पूछे जाने पर कि क्या स्थिति सामान्य होने पर वह फिर से प्रभार संभालेंगे तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन के एक धड़े ने श्रीवास्तव को कुलपति का कार्यभार सौंपे जाने के फैसले का विरोध किया और इस कदम पर ‘हैरानी जताई।’ उसने पोदिले को नहीं हटाए जाने पर निराशा जताई है। ‘एससी-एसटी फैकल्टी फोरम’ ओर ‘एससी-एसटी आॅफिसर्स फोरम’ ने आरोप लगाया कि वे साल 2008 में दलित छात्र सेंथिल की खुदकुशी के मामले में आरोपी शामिल हैं। इन दोनों फोरम ने एक साझा बयान में कहा-‘हम डॉक्टर विपिन श्रीवास्तव के कुलपति का कार्यभार संभालने को लेकर हैरान और निराश हैं। प्रोफेसर श्रीवास्तव 2008 में सेंथिल की खुदकुशी मामले में आरोपी हैं।’

बीते शनिवार को रोहित का शव छात्रावास से बरामद किया गया था। इस मामले को लेकर समूचे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। इस मामले में छात्र कुलपति को हटाने की मांग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने एबीवीपी के एक नेता के साथ कथित तौर पर मारपीट को लेकर रोहित व चार अन्य छात्रों को निलंबित कर दिया था। निलंबन से पहले केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने मानव संसाधन मंत्रालय को पत्र लिख कर मामले को देखने को कहा था। छात्रों का आरोप है कि निलंबन के कारण रोहित तनाव से घिर गया और बाद में उसने खुदकुशी कर ली।

इस बीच कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी रोहित वेमुला की आत्महत्या के मुद्दे को संसद में उठाएगी। वहीं पार्टी की छात्र इकाई एनएसयूआइ ने सोमवार को सभी राज्यों की राजधानियों में एक दिन की भूख हड़ताल करने का फैसला किया है। लोकसभा में कांग्रेस के नेता खड़गे ने पार्टी की तेलंगाना इकाई के नेताओं के साथ हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय (एचसीयू) का दौरा किया।

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