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अंतरिम कुलपति मंजूर नहीं, रोहित की खुदकुशी को लेकर आंदोलन तेज

एससी-एसटी फैकल्टी फोरम और एससी-एसटी ऑफिसर्स फोरम ने श्रीवास्तव को कार्यवाहक कुलपति बनाए जाने पर हैरानी जताई थी।

Author हैदराबाद | January 26, 2016 1:16 AM
दलित शोषण मुक्ति सभा के सदस्य शिमला में हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोधार्थी रोहित वेमुला की खुदकुशी मामले में इंसाफ मांगते हुए। (पीटीआई फोटो)

दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या को लेकर आंदोलन का नेतृत्व कर रही सामाजिक न्याय के लिए संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के छात्रों ने हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के अंतरिम कुलपति के रूप में विपिन श्रीवास्तव की नियुक्ति को सोमवार खारिज कर दिया। इससे पहले विश्वविद्यालय ने रविवार अपनी वेबसाइट पर एक नोटिस जारी किया था कि कुलपति अप्पा राव पोडीले अवकाश पर चले जाएंगे और वरिष्ठतम प्रोफेसर विपिन श्रीवास्तव कुलपति 24 जनवरी से से कुलपति के कर्तव्यों को निभाएंगे।’

एससी-एसटी फैकल्टी फोरम और एससी-एसटी ऑफिसर्स फोरम ने श्रीवास्तव को कार्यवाहक कुलपति बनाए जाने पर हैरानी जताई थी। फोरम ने आरोप लगाया था कि वह उस कार्यकारी परिषद उपसमिति के अध्यक्ष थे जो रोहित की मौत के लिए जिम्मेदार है और 2008 में एक अन्य दलित छात्र सेंथिल की आत्महत्या के आरोपी हैं।

इसके बाद सोमवार को जेएसी ने एक विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि एक बार फिर से आपके संज्ञान में यह लाया जाता है कि 2007 में विपिन श्रीवास्तव सेंथील कुमार नाम के एक और दलित शोधार्थी की संस्थागत हत्या में मुख्य आरोपी थे। वह भौतिकी विभाग का छात्र था।

जेएसी ने दावा किया है कि संकाय सदस्य विरोध में तीन प्रशासनिक पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। जेएसी ने मांग की है कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को उनके पद से बर्खास्त किया जाए और हाशिये पर मौजूद छात्रों को उच्च शिक्षण संस्थानों में विधायी संरक्षण देने के लिए ‘रोहित एक्ट’ लाया जाए। जेएसी ने कहा है कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो वह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बंद का आह्वान करेगा।

दूसरी ओर एचसीयू में सोमवार उस वक्त आंदोलन और गहरा गया जब दलित शोधार्थी रोहित वेमुला की आत्महत्या पर आंदोलन चला रहे छात्रों के समर्थन में अन्य विश्वविद्यालयों के छात्रों के साथ कुछ सामाजिक संगठन भी आगे आ गए।

आंदोलन चला रही ‘ज्वाइंट एक्शन कमिटी’ के ‘चलो एचसीयू’ आह्वान पर प्रदर्शनकारी विश्वविद्यालय परिसर में जमा हुए। विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी टीवी राव ने बताया, ‘देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र और समर्थन देनेवाले आए हैं। यहां एक हजार से ज्यादा लोग जमा है। हालांकि हालात काबू में है।’ विश्वविद्यालय में कड़ी सुरक्षा है। एहतियात के तौर पर परिसर में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

साइबराबाद के संयुक्त पुलिस आयुक्त टीवी शशिधर रेड्डी ने बताया, ‘जो लोग विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश कर रहे हैं, हम उनकी तस्दीक कर रहे हैं। ‘चलो एचसीयू’ कार्यक्रम पर किसी तरह की पाबंदी नहीं लगी है।’ हालांकि कुछ छात्रों और उनके समर्थकों ने शिकायत की थी कि पुलिस उन्हें विश्वविद्यालय में प्रवेश करने नहीं दे रही है।

दूसरी ओर छात्रों और दलित एवं आदिवासी फैकल्टी तथा अधिकारी फोरमों ने राव की गैर मौजूदगी में कुलपति की जिम्मेदारियां निभाने के लिए वरिष्ठतम प्रोफेसर विपिन श्रीवास्तव के चुने जाने पर एतराज जताया। उनका आरोप है कि श्रीवास्तव उस कार्यकारी परिषद उपसमिति के प्रमुख थे जो रोहित की मौत के लिए जिम्मेदार है और एक अन्य दलित छात्र की खुदकुशी के मामले में आरोपियों में शामिल हैं।

इस बीच, डॉ. भीमराव अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर ने परिसर का दौरा किया और छात्रों से मुलाकात की। ‘चलो एचसीयू’ के समर्थन में हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय पहुंचने वालो छात्रों में केरल के कालीकट विश्वविद्यालय, पांडिचेरी विश्वविद्यालय, उस्मानिया विश्वविद्यालय और मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के छात्र शामिल हैं।

‘चलो एचसीयू’ कार्यक्रम के तहत आंदोलनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स इलाके से मेन गेट और प्रशासनिक भवन तक मार्च निकाला और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स इलाके में लौट आए। यह इलाका आंदोलन का केंद्र बना हुआ है।

इससे पहले भूख हड़ताल कर रहे सात छात्रों को तीन दिन तक भूख हड़ताल पर बैठने के बाद स्वास्थ्य खराब होने के कारण गत शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन रविवार फिर से शुरू किया गया। विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में एक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की चिकित्सकीय जांच सोमवार की जाएगी। उन्होंने बताया कि रोहित की मां राधिका को सीने में दर्द की शिकायत के बाद रविवार एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह आईसीयू में चिकित्सकों की निगरानी में हैं।

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