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विशेष: सन्नाटे के बीच रोलिंग का संगीत

बैंड के गायक सर माइक जैगर बताते हैं कि पूर्णबंदी के दौरान उन्हें लगा कि जिंदगी बहुत खूबसूरत है, लिहाजा यह हर हाल में बनी रहनी चाहिए, धड़कती रहनी चाहिए। मनुष्य के एक पूरे परिवेश को खौफ के सन्नाटे में खो जाने का अनुभव सामान्य नहीं है।

कोरोना के सन्नाटे में रॉक संगीत का जादू।

जो लोग रॉक संगीत के जानकार हैं और उसे चाव के साथ सुनते हैं, उनके लिए रोलिंग स्टोन्स का नाम नया नहीं है। यह अलग बात है कि बीते आठ सालों में इस बैंड का कोई भी एलबम सामने नहीं आया। इसे चाहें तो आप बदलाव के एक जटिल दौर में एक सांगीतिक खामोशी के तौर पर भी देख सकते हैं। पर खामोशी आखिरकार टूटी… और टूटी भी तब जब दुनिया कोरोना के साथ लड़ते हुए एकदम से थम सी गई।

बैंड के गायक सर माइक जैगर बताते हैं कि पूर्णबंदी के दौरान उन्हें लगा कि जिंदगी बहुत खूबसूरत है, लिहाजा यह हर हाल में बनी रहनी चाहिए, धड़कती रहनी चाहिए। मनुष्य के एक पूरे परिवेश को खौफ के सन्नाटे में खो जाने का अनुभव सामान्य नहीं है। यह एक असहज कर देने वाली स्थिति है। स्टोन्स ने गाया है- ‘लाइफ इज सो ब्यूटीफुल/ नाव वी लॉक्ड डाउन/ फील लाइक ए घोस्ट, लिविंग इन ए घोस्ट टाउन।’

रोलिंग स्टोन्स के इस एलबम के रिलीज होते ही इसकी लोकप्रियता ने आसमान छू लिया। एक अनुमान के मुताबिक इसे अलग-अलग माध्यमों से अब तक एक करोड़ से ज्यादा लोग सुन चुके हैं। इसे फिल्माया भी गया है खास अंदाज में कैमरे के 360 डिग्री के व्यू के साथ ताकि पूर्णबंदी के दौरान हर तरफ पसरे सन्नाटे और स्तब्धता को महसूस किया जा सके।

स्टोन्स की यह पहल ‘कोरोना संगीत’ के एक ऐसे पहलू को सामने लाता है जिसमें देखते-देखते सब कुछ बदल जाने और कुछ ही समय में सब कुछ छिन जाने का भय एक वैश्विक सच्चाई बन चुकी है।

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