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कन्टेन्मेंट जोन में निगरानी के लिए पुलिस ने तैनात किए रोबोट, लोगों को जागरूक भी कर रहा

चेन्नई पुलिस ने सर्विलांस के लिए जिन रोबोट्स को तैनात किया है, उनमें कैमरे लगाए गए हैं, साथ ही यहलोगों की बात समझ कर जागरुकता फैला रहे हैं।

चेन्नई पुलिस ने शुक्रवार को कंटेनमेंट इलाकों के पास रोबोट्स का ट्रायल किया। (फोटो- टीवी टुडे)

देश में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और स्वास्थ्यकर्मी भी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इन परेशानियों के चलते सरकारों के सामने अति-आवश्यक सेवा से ही जुड़े लोगों की सुरक्षा की समस्या पैदा हो गई है। हालांकि, तमिलनाडु सरकार ने इस परेशानी से निपटने के लिए तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। तमिलनाडु पुलिस ने इस संकट के दौर में कंटेनमेंट जोन के बाहर निगरानी के लिए रोबोट्स लगाए हैं। इन रोबोट्स के जरिए कंटेनमेंट जोन में पुलिसवालों की सुरक्षा बढ़ी है और उन्हें लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग करने में आसानी हो रही है।

खास बात यह है कि इन रोबोट्स में कैमरे फिट हैं, जिसके जरिए वे सील इलाकों में रह रहे लोगों की बात समझ सकते हैं। साथ ही पहले से फीड मैसेज के जरिए उन्हें कोरोना के खतरे को लेकर जागरुक भी कर रहे हैं। शुक्रवार को चेन्नई के 190 कंटेनमेंट जोन्स में से एक मायलापुर में इस रोबोट को टेस्ट किया गया। गौरतलब है कि तमिलनाडु में दो हजार से ज्यादा संक्रमण के मामले हैं। अकेले राजधानी चेन्नई में ही 570 लोग संक्रमित पाए गए हैं।

देश में 23 फीसदी गिरी हॉटस्पॉट्स की संख्याः इस बीच देश में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने अलग-अलग जिलों के संक्रमण के प्रभाव के आधार पर रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटे जाने की सूचना दी है। लिस्ट के मुताबिक, अब देश में कोरोना के हॉटस्पॉट कहे जाने वाले रेज जोन शहरों की संख्या 130 पहुंच चुकी है, जबकि कम या मध्यम प्रभाव वाले ऑरेंज जोन में आने वाले शहरों का आंकड़ा 284 हो गया है। हालांकि, इसी बीच वे शहर जहां कोरोना के मामले नहीं हैं (ग्रीन जोन) जिलों की संख्या 319 पहुंच गई है।

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पत्र में दिए डेटा के मुताबिक, देश में हॉटस्पॉट्स की संख्या लॉकडाउन-2 के ऐलान के बाद से 15 दिनों में 23 फीसदी तक गिरी है और अप्रैल 15 के 170 रेड जोन के मुकाबले अब 130 रेड जोन बचे हैं। हालांकि, सरकार ने अपनी रेड जोन की स्टेटस बदलने की नीति में भी बदलाव किया है। अब रेड जोन के स्टेटस में बदलाव की अवधि 28 दिन से घटा कर 21 दिन कर दी गई है। यानी अगर किसी रेड जोन में 28 दिन की जगह 21 दिन तक कोई केस नहीं आता तो भी वह ग्रीन जोन में रखा जा सकता है।

सरकार के मुताबिक, पिछले 15 दिनों में देश में ग्रीन जोन की संख्या में भी कमी आई है। 15 दिन में देश में ग्रीन जोन की संख्या 356 से गिर कर 319 पहुंच गई है। जो कि इशारा करता है कि कोरोनावायरस के फैलने की गति कम हुई है, लेकिन इसका प्रसार लगातार बढ़ रहा है।

भारत में कोरोनावायरस से कितनी मौतें, कितने प्रभावित, यहां जानें…

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