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राजस्थान सरकार ने सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की ज़मीन ज़ब्त की!

जयपुर। बीकानेर जिले के कोलायत उपखंड में गोयलरी, गजनेर, इन्दो का बाला और मढ गांव के सोलह काश्तकारों की करीब 377 हैक्टेयर जमीन के नामांतरण खारिज कर दिये गए हैं। कोलायत उपखंड अधिकारी रण सिंह ने आज बताया कि कोलायत तहसीलदार की ओर से भेजे गये प्रस्ताव के अनुरूप 31 अक्तूबर 2014 को किया गया […]

Author January 4, 2015 4:18 PM
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के जमीन मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनका बचाव किया है।

जयपुर। बीकानेर जिले के कोलायत उपखंड में गोयलरी, गजनेर, इन्दो का बाला और मढ गांव के सोलह काश्तकारों की करीब 377 हैक्टेयर जमीन के नामांतरण खारिज कर दिये गए हैं।

कोलायत उपखंड अधिकारी रण सिंह ने आज बताया कि कोलायत तहसीलदार की ओर से भेजे गये प्रस्ताव के अनुरूप 31 अक्तूबर 2014 को किया गया आवंटन निरस्त कर दिया गया है। यह आदेश गोयलरी, गजनेर, इन्दों का बाला और मढ गांव की करीब 377 हैक्टेयर भूमि का आवंटन निरस्त करने से संबद्ध है। तहसीलदार ने इस भूमि का कब्जा ले लिया है।

सिंह से जब यह पूछा गया कि क्या रद्द किये आंवटन में रॉबर्ट वाड्रा (कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद) की कम्पनी स्काई लाइट हॉस्पिटेलिटी की भूमि शामिल है या नहीं, तो उन्होंने कहा कि यह बात उनकी जानकारी में नहीं है। उन्होंने कहा कि फर्जी नामांतरण के बाद यह भूमि किसको बेची गयी, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

कोलायत तहसीलदार गजेन्द्र सिंह ने गोयलरी, गजनेर, इन्दों का बाला और मढ गांव की करीब 377 हैक्टेयर जमीन आवंटित भूमि का आवंटन निरस्त होने और इस भूमि के सिवाय चक में शामिल किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि गत अक्तूबर महीने में फर्जी नामांतरण रदद होने के बाद भूमि को सिवाय चक में दर्ज कर लिया गया है। रदद की गई जमीन किनकी थी, इसके बारे में उन्हें भी जानकारी नहीं है।

तहसीलदार से जब पूछा गया कि क्या रदद किये नामातंरण की जमीन रॉबर्ट वाड्रा की कम्पनी स्काई लाइट हॉस्पिटेलिटी के नाम थी, तो उन्होंने भी इस बारे में जानकारी होने से इंकार कर दिया कि भूमि का मालिक कौन था।

इस संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए बीकानेर की जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट आरती डोगरा से उनके आवास और मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका।

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