ताज़ा खबर
 

चारा घोटाला: लालू यादव की जमानत याचिका खारिज, CBI ने कहा- 15 बीमारियां होने के बावजूद उनकी जान को कोई खतरा नहीं

Lalu Prasad Yadav, Fodder Scam: सीबीआई ने कहा कि चार घोटाले मामले में लालू ने मात्र 22 महीने ही जेल में बिताए हैं। जहां तक उनके स्वास्थ्य की बात है तो रिम्स के चिकित्सक लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। 15 बीमारियां होने के बाद भी फिलहाल उनकी जान को कोई खतरा नहीं है।

Author पटना | Updated: December 6, 2019 5:25 PM
lalu prasad yadavलालू प्रसाद यादव राजद अध्यक्ष (पीटीआई फोटो/ फाइल)

Lalu Prasad Yadav, Fodder Scam: झारखंड उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) ने चारा घोटाले से जुड़े दुमका कोषागार से धन के गबन के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुखिया लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। इस मामले में आज न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने सुनवाई पूरी की और लालू की जमानत याचिका इस आधार पर खारिज कर दी कि अभी उन्होंने सीबीआई अदालत द्वारा दी गयी सजा की आधी अवधि न्यायिक हिरासत में पूरी नहीं की है।

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने लालू यादव को इस मामले में आइपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) के तहत  सात वर्ष की कैद की सजा सुनायी है। मतलब इस मामले में लालू को कुल चौदह वर्ष कैद की सजा सुनायी गयी है। लालू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई पहले 22 नवंबर को और फिर 29 नवंबर को दोपहर बाद होनी थी लेकिन उच्च न्यायालय के अधिवक्ता के निधन के चलते द्वितीय पारी में न्यायालय में शोक सभा हुई और सुनवाई नहीं हो सकी थी।

सीबीआई की दलील: सीबीआई ने इस मामले में पहले ही अपना जवाब न्यायालय के समक्ष दाखिल कर दिया है जिसमें उसने लालू को भ्रष्टाचार के इस मामले में जमानत दिये जाने का सख्त विरोध किया है। सीबीआई ने लालू प्रसाद की जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि लालू प्रसाद ने दुमका कोषागार मामले में जमानत दाखिल की है। इस मामले में लालू ने मात्र 22 माह ही जेल में बिताया है। ऐसे में सजा की आधी अवधि भी पूरी नहीं हो रही है। जहां तक उनके स्वास्थ्य की बात है तो रिम्स के चिकित्सक लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रहे हैं। 15 बीमारियां होने के बाद भी फिलहाल उनकी जान को कोई खतरा नहीं है।

लालू की जमानत याचिका ख़ारिज: हालांकि लालू प्रसाद की ओर से बढ़ती उम्र और खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए जमानत की गुहार लगाई गई थी। अंतत: आज उच्च न्यायालय ने सीबीआई की दलील मान ली और लालू प्रसाद की जमानत याचिका खारिज कर दी। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह ने मामले में आठ नवंबर को लालू के वकीलों की दलील सुनी थी जिसमें मुख्य रूप से उन्होंने लालू की उम्र एवं उनके स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्हें जमानत दिये जाने का अनुरोध किया था। लालू चारा घोटाले के चार विभिन्न मामलों में सजायाफ्ता हैं और फिलहाल बिरसा मुंडा कारागार के माध्यम से रिम्स अस्पताल में भर्ती हैं और इलाज करा रहे हैं।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 RBI के पूर्व गवर्नर की सलाह- 10 मुद्दों पर फोकस कर लाई जा सकती है अर्थव्यवस्था में तेजी, जानें, रघुराम राजन का प्लान
2 शशि थरूर ने साझा की फारुक अब्दुल्ला का दर्द बयां करने वाली चिट्ठी- ‘हम अपराधी नहीं, आने दें संसद’
3 साक्षी महाराज ने कुलदीप सेंगर को दी जन्मदिन की बधाई, प्रियंका गांधी ने कसा तंज, पूछा- किसके साथ है BJP
बिहार विधानसभा चुनाव 2020
X