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देश की नदियां धर्मनिरपेक्ष: अखिलेश यादव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज कहा कि कुछ लोग नदियों को धर्म से जोड़ रहे हैं लेकिन देश की नदियां ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवादी’ हैं। सपा के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के अंतिम दिन अखिलेश ने हजारों कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कुछ लोग नदियों को धर्म से जोड़ रहे हैं। […]

Author October 10, 2014 3:54 PM
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार की छोटी गलतियों को बढा चढाकर पेश किया जाता है जबकि अच्छी पहल को मीडिया जगह नहीं देता।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज कहा कि कुछ लोग नदियों को धर्म से जोड़ रहे हैं लेकिन देश की नदियां ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवादी’ हैं।

सपा के तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के अंतिम दिन अखिलेश ने हजारों कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘कुछ लोग नदियों को धर्म से जोड़ रहे हैं। देश की नदियां सेक्युलर (धर्म निरपेक्ष) और सोशलिस्ट :समाजवादी: हैं। नदियों के किनारे हर जाति और धर्म के लोग रहते हैं। नदियां भेद नहीं करतीं।’’

उन्होंने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार ने चुनाव के दौरान घोषणापत्र में किए गए वायदों को पूरा किया है। ‘‘देश भर में उत्तर प्रदेश सरकार एकमात्र सरकार है, जिसने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वायदों को पूरा किया। किसी अन्य राज्य ने घोषणापत्र पर कार्य नहीं किया।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान पर परोक्ष रूप से टिप्पणी करते हुए अखिलेश ने सवाल किया, ‘‘क्या सफाई घोषणापत्र में था ? जिस घोषणापत्र के जरिए सत्ता में आये, उस पर काम नहीं किया।’’

उन्होंने गंगा सफाई को लेकर केन््रद सरकार की ओर से उठाये जा रहे कदमों के बारे में कहा, ‘‘…. केवल एक गंगा को साफ करने से सफाई नहीं होगी। अन्य नदियों की भी सफाई होनी चाहिए।’’

अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए अखिलेश ने कहा कि सडक, पुल, बिजली और स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य हुआ है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे जैसी परियोजना देश के किसी अ्रन्य राज्य में नहीं है। ये एक्सप्रेसवे कई जिलों से होकर गुजरेगा लेकिन किसी किसान ने विरोध नहीं किया। सडक निर्माण के लिए किसानों की जमीन अधिगृहित की गयी और उन्हें उनकी जमीन के बदले अच्छा मुआवजा दिया।

उन्होंने कहा कि सडक के किनारे आलू, दूध, गेहूं, चावल और फल की मंडियां बनेंगी ताकि किसानों को लाभ मिल सके। अखिलेश ने कहा कि देश में कोई ऐसा राज्य नहीं, जहां तीन शहरों में मेट्रो हो। साइकिल पर उत्तर प्रदेश सरकार ने जितना वैट कम किया, किसी अन्य राज्य ने नहीं किया।

उन्होंने कहा, ‘‘ये समझना होगा कि केन्द्र की क्या जिम्मेदारी है और उत्तर प्रदेश की क्या जिम्मेदारी है। हमने बिजली के क्षेत्र में बेहतर कार्य किया लेकिन केन्द्र से सहयोग नहीं मिला। अच्छी क्वालिटी का कोयला नहीं मिलता। कोयले की पर्याप्त मात्रा मिले तो गांव में 16 घंटे और शहरों में 20 से 22 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी।’’

 

 

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