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केन-बेतवा जोड़ो योजना: 221 KM लंबी नहर, 77 मीटर ऊंचे बांध बनेंगे, 10 गांव के 2000 परिवार होंगे विस्थापित

नदियों को जोड़ने की महत्वाकांक्षी और वृहद परियोजना के तहत गंगा समेत 60 से ज्यादा नदियों को जोड़ने की योजना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उम्मीद है कि केन-बेतवा लिंकिंग परियोजना अन्य नदी जोड़ो परियोजना के लिए एक मिसाल बनेगी।

देश में बाढ़ और सूखे की समस्या से निजात पाने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार पूर्ववर्ती अटल बिहारी वाजपेयी सरकार की नदी जोड़ो परियोजना पर तेजी से काम कर रही है। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक एक महीने के अंदर सरकार 87 अरब डॉलर की इस परियोजना की औपचारिक शुरुआत केन-बेतवा के लिंकिंग योजना से करने वाली है। इस महत्वाकांक्षी और वृहद परियोजना के तहत गंगा समेत 60 से ज्यादा नदियों को जोड़ने की योजना है। अधिकारियों के मुताबिक इससे ना केवल मानसूनी बारिश पर किसानों की निर्भरता कम होगी बल्कि लाखों हेक्टेयर में फसलों को समय पर पानी मिल सकेगा। अभी हाल के दिनों में बिहार, उत्तर प्रदेश, असम समेत नेपाल और बांग्लादेश ने भयंकर बाढ़ की विनाशलीला झेली है। यहां दो साल के कमजोर मानसून के बाद इस साल मानसूनी बारिश भयंकर बाढ़ लेकर आई।

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस परियोजना के पहले चरण की शुरुआत के लिए दिलचस्पी दिखाई है। पहले चरण में केन और बेतवा नदियों को जोड़ने की योजना है। इसके तहत बरसात के दिनों में केन नदी से आने वाले पानी को रोकने के लिए खजुराहो के निकट दौधन बांध बनेगा। दोनों नदियों को जोड़ने वाले लिंक नहर की कुल लंबाई 221 किलोमीटर होगी। इसके बीच दो किलोमीटर की सुरंग भी बनेगी। 77 मीटर ऊंचे इस बांध की क्षमता 2953 मीट्रिक घन मीटर होगी। बांध पर 78 मेगावाट क्षमता की दो विद्युत उत्पादन इकाइयां भी स्थापित होंगी।

ये दोनों नदियां उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की चौड़ी पट्टी में बहती हैं, जहां भारतीय जनता पार्टी का शासन है। लिहाजा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उम्मीद है कि केन-बेतवा लिंकिंग परियोजना अन्य नदी जोड़ो परियोजना के लिए एक मिसाल बनेगी। जल संसाधन राज्यमंत्री संजीव बलियान के मुताबिक, केन-बेतवा लिंकिंग परियोजना मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। उन्होंने रॉयटर्स को बताया कि रिकॉर्ड समय में हमने इस परियोजना के लिए सभी मंजूरी हासिल कर ली है। हालांकि, कई पर्यावरणविद् और वन्यजीव संरक्षक इस परियोजना से होनेवाले नुकसान को बड़ा पारिस्थितिकी असंतुलन बता रहे हैं।

बता दें कि 425 किलोमीटर की लंबाई में बहने वाली केन नदी एक टाइगर रिजर्व से होकर बहती है। सरकार इस परियोजना के लिए टाइगर रिजर्व के 6.5 फीसदी भू-भाग पर डैम बनाना चाह रही है। इस क्रम में वहां आसपास के 10 गांवों के करीब 2000 परिवारों को विस्थापित करने की योजना है। सरकार को पर्यावरण एवं वन विभाग समेत करीब आधा दर्जन क्लियरेन्स मिल चुका है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार एक-दो सप्ताह के अंदर परियोजना स्थल से करीब 800 किलोमीटर दूर नई दिल्ली से निर्माण कार्य का शुभारंभ कर सकती है।

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  1. J
    jameel shafakhana
    Sep 1, 2017 at 5:28 pm
    i). Is desi nuskhe ke sevan se Kuch hi dino me ho jayega aap ka lamba, mota or tight. ii). Nill skhukranu ki problem se pareshan hai to jyada sochiye mat khaye ye desi dawai. iii). 30 mint se pahle sambhog me nahi jhad sakte aap rukavat ka achook desi nuskha. : jameelshafakhana /
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