‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ आंदोलन के नेताओं में अब फूट देखने को मिल रही है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम के साथ ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के नेताओं के एक गुट ने डिप्टी सीएम ब्रजेश प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर अजीत भारती ने तंज कसा।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अभी हमारे साथ हमारी साथी हर्ष दुबे, मृत्युंजय पाठक और शिवा शर्मा हैं। पाठक ने कहा कि कल जंतर-मंतर पर जो धरना-प्रदर्शन हुआ है, उसको लेकर हमें इन लोगों की तरफ से एक पत्र मिला है। उस पत्र को हमने अपने केंद्रीय नेतृत्व को दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने मुझसे कहा कि हम उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे। साथ ही किसी भी स्थिति में अपने देश के युवाओं और छात्रों का नुकसान नहीं होने देंगे और सबको साथ लेकर चलेंगे।
ब्रजेश पाठक ने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्री के साथ इन लोगों की दो दिन के बाद इनकी बैठक होगी। इस बैठक के लिए हम इन लोगों को लेकर जाएंगे और साथ में बात करेंगे।
वहीं, हर्ष दुबे ने कहा कि ब्रजेश पाठक के जरिए ही हम अपनी बात केंद्रीय नेतृत्व के पास पहुंचा सकते थे और कोई दूसरा जरिया मेरे पास नहीं था। दुबे ने कहा कि जो छात्रों के साथ बर्बरता हुई है उस पर आगे से ध्यान दिया जाए।
दुबे ने कहा कि जैसा कि पाठक जी ने कहा कि हमारी मुलाकात केंद्रीय मंत्री से कराई जाएगी और हम अपनी बात रखेंगे। हमें भरोसा है कि डिप्टी सीएम अपनी बात पर खरा उतरेंगे। दुबे ने कहा कि मैं चाहता हूं कि मेरी बात पीएम मोदी और अमित शाह से कराई जाए, फिर भी अगर उनसे नहीं हो पाती है तो किसी भी केंद्रीय मंत्री से हम बात करने के लिए तैयार हैं। हर्ष दुबे ने आगे कहा कि फिर भी हमारा मानना है कि इस विषय पर गंभीरता से विचार और चर्चा करने की आवश्यकता है।
हर्ष दुबे की ओर से जो पत्र ब्रजेश पाठक को दिया गया है। उसमें लिखा है, “प्रिय महोदय, हमारा मानना है कि जो वर्तमान शिक्षा व्यवस्था है, उसमें कुछ बच्चे मेरिट में ऊपर हैं, कुछ बच्चे बहुत नीचे हैं। जबकि पढ़ाई का स्तर समान कहा जाता है। हमारे आंदोलन का मुख्य मुद्दा है सभी छात्रों में बौद्धिक क्षमता का समान विकास हो। जिससे आगे के प्रोफेशनल कोर्ट में समान अवसर मिल सकें, इसके लिए अवसरों की संख्या में वृद्धि करनी चाहिए और नए प्रकार के अवसर सृजित करने चाहिए। जिससे किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो और सर्वसमाज का भला हो।”
ब्रजेश पाठक ने पोस्ट में क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेस के तुरंत बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार आंदोलन का नेतृत्व कर रहे श्री हर्ष दुबे जी के साथ आज लखनऊ में पत्रकार वार्ता कर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की मांगों एवं उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि आगामी दो दिनों में उनकी मांगों को केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा तथा संबंधित केंद्रीय मंत्री जी से उनकी भेंट भी सुनिश्चित कराई जाएगी।”
अजीत भारती ने क्या कहा?
डिप्टी सीएम की पोस्ट और इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद इस मामले में अजीत भारती की एंट्री होती है। अजीत भारती एक्स पर लिखते हैं, “रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ का हर्ष दुबे के इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को कोई समर्थन नहीं है। चूँकि हम इस आंदोलन से वैचारिक रूप से जुड़े थे, इसलिए कल मेरी उपस्थिति वहाँ थी। हमने ना तो यह आंदोलन बुलाया था, ना प्रेस कॉन्फ्रेंस।”
अजीत भारती आगे लिखते हैं कि जो लोग हर्ष या अन्य लोगों के बुलाने पर जंतर मंतर आए थे, उनसे विनम्र निवेदन है कि वो अपने घरों को प्रस्थान करें। कोई तो कारण रहा होगा कि मैंने ऐसे किसी आंदोलन के लिए लोगों को इतनी शीघ्रता से बुलाने से मना किया था।
भारती कहते हैं कि कोई भी पार्टी इसे यह ना समझे कि आंदोलन समाप्त हो चुका है। हम चर्चा करेंगे, लोगों को बताएँगे और हम शीघ्र ही वापस आएँगे और इस संख्या से बहुत बड़ी संख्या में आएँगे। साथ ही, हर्ष दुबे के पिताजी को विधायक टिकट हेतु शुभकामनाएं। आपके माध्यम से एक सवर्ण विधानसभा में पहुंचेगा। आशा है आप वहां आरक्षण की वर्तमान नीतियों का विरोध करेंगे।
अजीत भारती की पोस्ट पर RHA ने क्या कहा?
अजीत भारती की इस पोस्ट पर ‘Reservation Hatao Andolan (RHA) के एक्स हैंडल @WokeFuneral से एक पोस्ट की जाती है कि हर्ष दुबे हमारे वैचारिक मित्र हैं, ये आंदोलन किसी नेता का मोहताज नहीं। कल की भीड़ से आपको इस बात का अंदाजा हो ही गया होगा। अजीत भारती, नेहा दास, महिपाल सिंह, अनिल मिश्रा के साथ साथ हर्ष दुबे का भी छोटा सा योगदान था, एक व्यक्ति के न होने से आंदोलन रुकते नहीं है। आंदोलन हमारी मांगो की पूर्ति तक जारी रहेगा।”
RHA आंदोलन की मांगें
- UGC एक्ट को वापस लिया जाए।
- SC/ST एक्ट को दोबारा लागू किया जाए।
- समान अवसर और सभी के लिए एक समान कट-ऑफ सुनिश्चित किया जाए।
- जाति आधारित कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की जाए।
- SC, ST और OBC वर्गों में क्रीमी लेयर का सिद्धांत लागू किया जाए।
- जाति आधारित आरक्षण को खत्म कर आर्थिक स्थिति के आधार पर आरक्षण व्यवस्था में सुधार किया जाए।
Reservation Hatao Andolan के एक अन्य पोस्ट में कहा, “कल को अगर मै ये पेज बंद कर दूं, लिखना छोड़ दूं, तो मेरे भाइयों… मुझे गरिया लेना लेकिन हतोत्साहित होकर आंदोलन न बंद कर देना।बाकी जिस दिन संघर्ष होगा जोरदार होगा, ट्रेलर तो सरकार ने देख ही लिया है।”
‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ आंदोलन के नेताओं में अब फूट देखने को मिल रही है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम के साथ ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ के नेताओं के एक गुट ने डिप्टी सीएम ब्रजेश प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर अजीत भारती ने तंज कसा। पढ़ें पूरी खबर।
