आरजी कर बलात्कार-हत्या मामले की जांच में लापरवाही के आरोप में बंगाल सरकार ने तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इस मामले में तत्कालीन कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, तत्कालीन पुलिस उपायुक्त (उत्तर) अभिषेक गुप्ता और पुलिस उपायुक्त (मध्य) इंदिरा मुखर्जी को निलंबित किया गया है। इस बीच आरजी कर मामले की पीड़िता की मां ने टीएमसी प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा आरजी कर मामले में हुई चूक के चलते तीन पुलिस अधिकारियों के निलंबन पर पीड़िता की मां और भाजपा नेता रत्ना देबनाथ ने कहा, “कई अपराधी हैं जिनमें सबसे बड़ी अपराधी ममता बनर्जी हैं। अगर उन्हें पकड़ा गया और जेल भेजा गया तो सभी अपराधियों के नाम सामने आ जाएंगे।”
रत्ना ने आगे कहा, “उस रात मेरी बेटी के साथ खाना खाने वाले लोगों से अभी तक पूछताछ नहीं हुई है। सिर्फ प्रिंसिपल जेल में हैं। ममता बनर्जी समेत कॉलेज के अधिकारी इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं। साथ ही, हमारे तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव नारायणस्वरूप निगम भी मेरी बेटी की हत्या में शामिल हैं।”
आरजी कर मामले में तीन आईपीएस निलंबित
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि बंगाल सरकार आरजी कर मामले में कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करेगी। मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय में इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि ये अधिकारी परिवार को रिश्वत देने और लिखित अनुमति के बिना प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने में शामिल थे। तीनों आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की जाएगी।
सीएम शुभेंदु अधिकारी ने यह भी कहा कि बंगाल सरकार सीबीआई द्वारा की जा रही जांच में हस्तक्षेप नहीं कर रही है जिस पर अदालत में बहस चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुशासनात्मक कार्यवाही और विभागीय जांच का नेतृत्व राज्य के गृह सचिव मुख्य सचिव के मार्गदर्शन में करेंगे। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
