इंडियन आर्मी के रिटायर्ड अफसर को आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने वेटरन अचीवर्स अवार्ड से सम्मानित किया है। अधिकारी ने बॉलीवुड की हालिया ब्लॉकबस्टर मूवी धुरंधर के डायरेक्टर को सलाह देने में अहम भूमिका निभाई थी। यह अवार्ड 25 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित रिटायरिंग ऑफिसर सेमिनार के दौरान कर्नल भूपेंद्र शाही (retd) को दिया गया। कर्नल शाही उन चार विशिष्ट पूर्व सैनिकों में शामिल थे जिन्हें राष्ट्र निर्माण, सामाजिक कल्याण और युवा सशक्तिकरण में रिटायरमेंट के बाद असाधारण योगदान दिया।
आर्मी के बयान के मुताबिक, कर्नल शाही (retd) ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सैन्य सलाहकार के तौर पर योगदान दिया है। इसकी वजह से शेरशाह और धुरंधर जैसी फिल्मों में सेना का सही से चित्रण किया गया। वे पूर्व सैनिकों के कल्याणकारी कामों में भी सक्रिय तौर पर शामिल हैं।
बेहद अनुभवी सैनिक हैं कर्नल शाही
पूर्व इन्फैंट्री अफसर कर्नल शाही (retd) ने लद्दाख जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ कारगिल और सियाचिन ग्लेशियर जैसे क्षेत्रों में कई बार सेवा दी है। वह मोहाली में रहने वाले एक अनुभवी सैनिक हैं और नौ फिल्मों के पहलुओं पर सलाहकार रहे हैं। कर्नल शाही ने समय से पहले रिटायरमेंट लेने से पहले दो दशकों से ज्यादा वक्त तक जम्मू और कश्मीर राइफल्स की 15वीं बटालियन में सेवा की। उन्होंने एनएसजी में भी अपनी सेवाएं दी और वह एंटी टेरर ऑपरेशन में अच्छी तरह से पारंगत हैं। साथ ही सियाचिन ग्लेशियर पर दो बार तैनात भी रहे।
शेरशाह हिट होने के बाद मुझे ऑफर मिलने लगे- कर्नल शाही
एडवेंचर टूरिज्म में शुरुआती काम करने के बाद सेना से संबंधित तकनीकी मदद के लिए कई फिल्म डायरेक्टरों ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “शेरशाह के हिट होने के बाद, मुझे लोगों के कहने पर ही ऑफर मिलने लगे। मैंने निखिल आडवाणी, राम माधवानी जैसे डायरेक्टों और धर्मा प्रोडक्शंस, कलर येलो प्रोडक्शंस जैसी फिल्म कंपनियों के साथ काम किया है।” वे धुरंधर के दूसरे पार्ट से भी जुड़े हैं।
कर्नल शाही (retd) ने कहा, “फिल्म के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर राहुल द्वारा संपर्क किए जाने के बाद मैंने 2024 में धुरंधर पर काम करना शुरू किया। मेरा मुख्य काम मूवी प्रोड्यूसर्स को सेना और आईएएफ से जरूरी अनुमतियां हासिल करने में मदद करना था। साथ ही यह भी तय करना था कि स्क्रिप्ट में सेना को सही तरीके से चित्रित किया जाए और आर्म्ड फोर्स के लिए कोई भी नकारात्मकता न हो।”
कर्नल शाही ने आर्मी चीफ को धन्यवाद दिया
पुरस्कार देने के लिए कर्नल शाही (retd) ने आर्मी चीफ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह उन सभी पूर्व सैनिकों के लिए एक प्रेरक शक्ति है। पुरस्कार मिलने वालों में लेफ्टिनेंट कर्नल हरबीर सिंह (retd) भी शामिल है। एक अन्य पुरस्कार विजेता, सूबेदार (Honorary Lieutenant) ज्ञानदेव कोंडीबा मोरे (retd) ने दो दशकों से ज्यादा समय शिक्षा और खेल मार्गदर्शन में बिताया है। साथ ही कई लोगों को सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है। इसी तरह सूबेदार (Honorary Captain) दर्शन सिंह (retd) पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को मुफ्त कानूनी मदद देते हैं।
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सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में भारत की तत्परता, रणनीतिक स्पष्टता को दर्शाया। उन्होंने कहा कि उत्तरी सीमा पर हालात स्थिर बने हुए हैं, लेकिन सतत निगरानी जरूरी है। पढ़ें पूरी खबर…
