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खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में पड़ी नरम, रही 6.58% पर; औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर जनवरी में दो फीसदी

भारतीय रिजर्व बैंक की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों को तय करने में खुदरा मुद्रास्फीति एक अहम कारक होता है। सरकार ने रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति चार फीसदी से नीचे रखने का लक्ष्य दिया है।

Author नई दिल्ली | Updated: March 12, 2020 7:38 PM
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

खाद्य कीमतों में नरमी के चलते खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में धीमी पड़कर 6.58 प्रतिशत पर आ गई। गुरुवार को यह जानकारी केंद्र सरकार ने आंकड़े जारी कर दी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति जनवरी 2020 में 7.59 प्रतिशत थी, जबकि फरवरी 2019 में यह आंकड़ा 2.57 फीसदी था।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2020 में खाद्य क्षेत्र की महंगाई घटकर 10.81 प्रतिशत रही जो जनवरी में 13.63 प्रतिशत थी।

भारतीय रिजर्व बैंक की द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों को तय करने में खुदरा मुद्रास्फीति एक अहम कारक होता है। सरकार ने रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति चार फीसदी से नीचे रखने का लक्ष्य दिया है।

औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर जनवरी में 2%: देश की औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) की वृद्धि दर जनवरी में बढ़कर दो प्रतिशत पर पहुंच गई। एक साल पहले इसी महीने में यह 1.6 प्रतिशत थी।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन की वजह से औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 1.5 प्रतिशत बढ़ा। एक साल पहले समान महीने में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 1.3 प्रतिशत थी।

ऐसे ही बिजली उत्पादन 3.1 प्रतिशत बढ़ा। जनवरी, 2019 में बिजली क्षेत्र का उत्पादन 0.9 प्रतिशत बढ़ा था। जनवरी, 2020 में खनन क्षेत्र की वृद्धि दर 4.4 प्रतिशत रही। एक साल पहले समान महीने में इस क्षेत्र का उत्पादन 3.8 प्रतिशत बढ़ा था।

चालू वित्त वर्ष के पहले दस माह (अप्रैल, 2019 से जनवरी, 2020) के दौरान औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर घटकर 0.5 प्रतिशत पर आ गई है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में औद्योगिक उत्पादन 4.4 प्रतिशत बढ़ा था।

‘मोदी विचारधारा ने इकनॉमी को कर दिया नष्ट’: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शेयर बाजार में भारी गिरावट को लेकर बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन पर देश की अर्थव्यवस्था को नष्ट करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही राहुल ने कहा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति पर प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए।

गांधी ने यह भी दावा किया कि भारत एक देश के तौर पर संकट की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री अर्थव्यवस्था को लेकर बेखबर हैं। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने देखा कि शेयर बाजार में क्या हुआ है। लाखों लोगों का नुकसान हुआ है। अर्थव्यवस्था की हालत सब देख रहे हैं।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘ मोदी जी और उनकी विचारधारा ने अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया। उनके मुंह से अर्थव्यवस्था के बारे में एक शब्द नहीं निकल रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को तो अर्थव्यवस्था की समझ ही नहीं है।’’

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