ताज़ा खबर
 

राजन ने दिलाया भरोसा, बाजार में मचा हाहाकार

चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर गहराई चिंता से शेयर और रुपये में भारी गिरावट के बीज रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि भारत की वृहद आर्थिक स्थिति अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत है और ऐसे में डर की कोई जरूरत नहीं है।

Author August 24, 2015 14:01 pm
बाजार में मचा हाहाकार, राजन ने दिलाया भरोसा

चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर गहराई चिंता से शेयर और रुपये में भारी गिरावट के बीज रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि भारत की वृहद आर्थिक स्थिति अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत है और ऐसे में डर की कोई जरूरत नहीं है।

राजन ने कहा, मैं बाजारों को यह आश्वस्थ करना चाहता हूं कि हमारे वृहद आर्थिक कारक नियंत्रण में हैं और हमारी अर्थव्यवस्था औरों की तुलना में बहुत अच्छी स्थिति में है। आरबीआई गवर्नर यहां राष्ट्रीय बैंकिंग सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

इसका आयोजन बैंकों के संघ आईबीए और फिक्की ने मिल कर किया है। उन्होंने कहा कि देश के पास इस समय 380 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है। जब और जैसी जरूरत पड़ेगी इसका इस्तेमाल किया जाएगा।

आरबीआई गवर्नर राजन ने आने वाले समय में नीतिगत ब्याज दर में कमी किये जाने का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि जिंसों की कीमतों में और अधिक कमी आने, सरकार की ओर से अनाज के अच्छे प्रबंध और मुद्रास्फीति के खिलाफ केंद्रीय बैंक की सख्त नीति से नरम मौद्रिक नीति (नीतिगत दरों में कमी) की बन रही गुंजाइश पर रिजर्व बैंक ध्यान देगा।

राजन ने कहा कि जिंस बाजार में गिरती कीमतों और सरकार की ओर से खाद्य बाजार के अच्छे प्रबंध से रिजर्व बैंक को (नीतिगत ब्याज कम करने में) मदद मिलेगी। राजन ने कहा, उन्हें लगता है कि कच्चे तेल की कीमतें अभी एक दो साल नीचे ही चलेंगी।

गौरतलब है कि आज भारत सहित एशियायी शेयर बाजारों में भारी उठापटक के बीच रपया डालर के मुकाबले टूट कर शुरुआती कारोबार में 66 पैसे की तेज गिरावट के साथ 66.49 तक चला गया।

यह दो साल में रुपये का न्यूनतम स्तर है। रुपये में यह गिरावट ऐसे समय देखी गयी, जबकि अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राओं के समक्ष डॉलर कमजोर रहा।

शेयर बाजारों से विदेशी धन की निकासी बढने से रुपये पर दबाव बढ गया था। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि विदेशी विनियम बाजार में उथल पुथल चल रही थी और उसमें चीन तो आखिरी पड़ाव है। उन्होंने कहा कि यूं तो जापानी येन और यूरो के समक्ष रुपये की विनिमय दर मजबूत हुई है। गवर्नर ने कहा कि विनिमय बाजार में अप्रत्याशित उतार चढाव से निपटने के लिए रिजर्व बैंक के पास पर्याप्त संसाधन है।

स्थानीय शेयर बाजारों में आज कारोबार के दौरान इस वर्ष अब तक सबसे बड़ी गिरावट देखी गयी। प्रारंभिक कारोबार में मुंबई बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1006 अंक टूट गया।

खास कर संस्थागत निवेशकों की बिकवाली के दबाव में नेशनल स्टाक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला निफटी भी गिर कर 8,000 से नीचे चला गया।

चीन की अर्थव्यवस्था को लेकर गहराती चिंताओं के बीच आज एशिया के प्रमुख शेयरों में भारी उथल पुथल रही। शंघाई शेयर बाजार में आठ फीसद की गिरावट दर्ज की गयी। चीन की अर्थव्यवस्था का संकट पहले के अनुमानों से भी गहरा माना जा रहा है जिससे निवेशकों में घबराहट देखी गयी।

सुबह सेंसेक्स 1006.54 अंक या 3.67 फीसदी गिर कर 26,359.53 अंक तथा एनएसई का निफ्टी भी 3.72 प्रतिशत (309.05 अंक) नीचे 7,990.90 पर चल रहा था। निफ्टी के सभी 50 शेयर गिरावट में थे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App