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‘गुद्दी-बेल्ट से पकड़ अर्नब को घसीटा गया…’, बोले Republic TV के एंकर- जिस जेल में आतंकी-अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर हैं वहां किए गए शिफ्ट, ऐसा सलूक क्यों?

अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के मामले में सोमवार (9 नवंबर, 2020) को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इंटीरियर डिजाइनर को आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े साल 2018 के एक मामले में गोस्वामी और दो अन्य लोगों को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया।

Arnab Goswami Case, Arnab Goswami, Republic TV Editor, Republic TVक्वारंटीन सेंटर से जेल ले जाते वक्त मीडिया को अपना दर्द बयान करते हुए अर्नब गोस्वामी। (फोटोः टि्वटर/Republic TV)

रिपब्लिक टीवी के डिबेट शो ‘पूछता है भारत’ में चैनल के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के तरीके पर सवाल उठाए गए। अर्नब की गैर मौजूदगी में डिबेट शो का संचालन कर रहे एंकर ने आरोप लगाया कि मुंबई पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के समय उनके साथ बदसलूकी। उन्हें गुद्दी और बेल्ट से पकड़कर घसीटा गया। एंकर एश्वर्य कपूर ने आरोप लगाया कि उन्हें अवैध तरीके से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि अर्नब के हौसले पर सत्ता का बुल्डोजर चलाने की कोशिश हो रही है। बेगुनाह होने के बाद भी अर्नब को अलीबाग से तलोजा जेल में शिफ्ट कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि तलोजा जेल वही है जहां खूंखार आतंकवादियों से लेकर बड़े-बड़े गैंगस्टर और अंडरवर्ल्ड के कैदी बंद रहते हैं। मगर अब अर्नब गोस्वामी उनके साथ रहेंगे। अर्बन कह चुके हैं कि उनकी जान को खतरा है। उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। उन्हें मारा जा रहा है। वो खुद को बचाने की अपील कर रहे हैं। एंकर ने आरोप लगाया कि सरकार सच्चे पत्रकार के साथ आतंकियों के तरह व्यवहार कर रही है।

Arnab Goswami Case LIVE Updates

बता दें कि अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के मामले में सोमवार (9 नवंबर, 2020) को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इंटीरियर डिजाइनर को आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े साल 2018 के एक मामले में गोस्वामी और दो अन्य लोगों को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया।

जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एमएस कार्णिक की खंडपीठ ने कहा कि ‘मौजूदा मामले में हाईकोर्ट द्वारा असाधारण अधिकार क्षेत्र के प्रयोग किए जाने का कोई मामला नहीं बनता है। अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि गोस्वामी के पास कानून के तहत राहत पाने का उपाय है और वह संबंधित सत्र अदालत से सामान्य जमानत मांग सकते हैं।

हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत अर्जी पर अपना फैसला शनिवार को सुरक्षित रखते हुए कहा था कि मामले के अदालत में लंबित होने का यह मतलब नहीं है कि आरोपी सत्र अदालत से सामान्य जमानत का अनुरोध नहीं कर सकते। अदालत गोस्वामी और दो अन्य आरोपियों फिरोज शेख तथा नीतीश सरदा द्वारा मामले में उनकी ‘गैरकानूनी गिरफ्तारी’ को चुनौती देने और अंतरित जमानत के अनुरोध से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही थी। (एजेंसी इनपुट)

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