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कृषि कानूनः IMF की नहीं सुनूंगी- बोलीं पैनलिस्ट, अर्नब ने कहा- कानून तो अभी है ही नहीं, दिल्ली के बॉर्डर पर ये सब क्यों?

11 जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने तीन कृषि कानूनों के कार्यान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी।

Farm Bills Protest, Farm Bills, Farmers, Chicken, Biryaniनई दिल्ली में सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के बीच जमीन पर बैठकर थोड़ा आराम करते बुजुर्ग किसान। (फोटोः PTI)

कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद अब तक विवाद का हल नहीं हो पाया है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने इन कानूनों को प्रगतिशील करार देते हुए किसानों के लिए फायदेमंद बताया है। रिपब्लिक टीवी के डिबेट पर इसी मुद्दे पर बहस के दौरान कृषि कानूनों के वापसी की मांग कर रही पैनलिस्ट प्रियंका राणा भड़क गईं। उन्होंने कहा कि आईएमएफ की कोई भी बात नहीं सुनी जाएगी।

हालांकि, इस पर अर्नब गोस्वामी ने प्रियंका राणा को घेर लिया। उन्होंने पूछा कि दिल्ली बॉर्डर पर जो अभी प्रदर्शन हो रहा है, वह क्यों हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने उसे रद्द कर दिया, यानी वह कानून अभी है ही नहीं। तो ये क्या कर रहे हैं। आपके किसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। दुनिया में पहली बार हो रहा होगा कि जो है ही नहीं उसके खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है। मैं थोड़ा कन्फ्यूज हो रहा हूं।

प्रियंका ने अर्नब पर पलटवार करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर तो पूरा देश कन्फ्यूज है। आप कन्फ्यूज हैं, क्योंकि आपको यही नहीं पता कि धरने पर बैठा कौन है। आपको पता नहीं कि वो आतंकवादी है, पाकिस्तानी है या खालिस्तानी है। दुनिया कन्फ्यूज नहीं है। इसी दुनिया ने, इसी किसान ने मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया। एक बार कार्यकाल खत्म होने के बाद इतना बड़ा वोट बैंक देकर फिर पीएम बनाया।

बेनतीजा रही है 9 दौर की बातचीत, सुप्रीम कोर्ट लगा चुका है कानूनों पर रोक: बता दें कि इससे पहले 11 जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने तीन कृषि कानूनों के कार्यान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। शीर्ष अदालत ने इस मामले में गतिरोध को समाप्त करने के लिये चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और तीन केंद्रीय मंत्रियों ने शुक्रवार को तीन नए कृषि कानूनों पर एक महीने से अधिक समय से जारी गतिरोध को दूर करने के लिए नौवें दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर, रेलवे, वाणिज्य एवं खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री तथा पंजाब से सांसद सोम प्रकाश ने करीब 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की थी।

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