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अर्नब गोस्वामी चैट विवाद: सरकार पर शिकंजा कसने की तैयारी में कांग्रेस, संसद में उठाएगी मुद्दा

रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के चैट विवाद में कांग्रेस हर तरह से सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। संसद में भी यह मुद्दा उठाने की बात कांग्रेस ने कही है।

arnab goswami,republic bharatरिपब्लिक टीवी के ए़डिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी।

रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी के चैट लीक विवाद में कांग्रेस सरकार को घेरने में कसर नहीं छोड़ना चाहती। पूर्व BARC सीईओ के साथ हुई चैट मामले में विपक्ष अप प्रधानमंत्री से भी सवाल पूछ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि सैन्य गतिविधियों से संबंधित गुप्त बातों का लीक होना बहुत ख़तरनाक है औऱ यह मुद्दा संसद में उठाया जाएगा।

पूर्व रक्षा मंत्री एके ऐंटनी, पूर्व गृह मंत्री सुशील शिंदे, पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और राज्यसभा में विपक्ष के नाता गुलाम नबी आज़ाद इस मुद्दे को संसद में लेकर जाएँगे। ऐंटनी ने कहा है कि यह एक अपराध है और इसके लिए अर्नब को सज़ा मिलनी ज़रूरी है। पार्टी ने कहा है कि इस मामले में तुरंत जांच के आदेश दिए जाने चाहिए।

ऐंटनी ने संवाददाताओं को बताया, ‘इन दस्तावेजों से स्पष्ट है कि देश की सुरक्षा से जुड़ी अहम बातें लीक हुई हैं और इन बातों का लोगों तक इस तरह से पहुंचना एक चुनौती है। ये लोग ऐसी बातें पहले से जानने के लिए ऑथराइज्ड नहीं हैं। आखिर एक पत्रकार को एयर स्ट्राइक के बारे में पहले से ही कैसे जानकारी हो गई। अगर इस तरह पहले से ही जानकारियां लीक हो जाती हैं तो ऑपरेशन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।’

ऐंटनी ने कहा कि सेना का टॉप अधिकारियों के अलावा सरकार में केवल चार से पांच लोगों को ही ऐसे ऑपरेशन की जानकारी होती है। उन्होंने कहा, ‘सेना की तरफ से ये जानकारियां लीक होना संभव नहीं है। इसके अलावा सरकार में जो शीर्ष पर सिविलियन होते हैं उनसे ही बात लीक हो सकती है। उसमें मंत्री भी शामिल हो सकते हैं। खास बात यह है कि इस ऑपरेशन के बारे में पूरे मीडिया को नहीं बल्कि एक खास पत्रकार को ही पता चला।’

ऐंटनी से पूछा गया कि जब चैट में स्पष्ट रूप से बालाकोट का नाम नहीं तो कांग्रेस कैसे इसे लिंक कर रही है। उन्होंने जवाब दिया कि लीक हुए चैट में इसकी जानकारी है। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि जब आप कहते हैं कुछ बड़ा होने वाला है तो इसका क्या मतलब है। बिना जानकारी के कोई कैसे ऐसी बात कर सकता है? गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि यह सब टीआरपी में हेरफेर करने की चाल थी।

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