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गणतंत्र दिवस पर पांच साल में 14 मेहमान, जानें- नरेंद्र मोदी राज में कौन-कौन विदेशी बने चीफ गेस्ट?

2018 में 10 आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्ष देश आए थे। उन सब ने 69वें गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था

Author January 26, 2019 10:05 PM
राजपथ पर आयोजित समारोह के दौरान पीएम मोदी, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति और उनके भारतीय समकक्ष। (पीटीआई फोटो)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार के पांच सालों के कार्यकाल में गणतंत्र दिवस के मौके पर 14 विदेशी मेहमान समारोह के मुख्य अतिथि बन चुके हैं। 2015 में मोदी सरकार में पहली बार अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा मुख्य अतिथि थे। इस बार दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ने मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होकर समारोह की शोभी बढ़ाई। आइए जानते हैं कि पीएम मोदी  के पांच साल के कार्यकाल में कौन-कौन विदेशी राजनेता नई दिल्ली स्थित राजपथ पर रंगा-रंग परेड का साक्षी बन चुके हैं।

2019: 70वें गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा भारत आए। राजपथ पर हुए 26 जनवरी समारोह में वह मुख्य अतिथि थे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद समेत बाकी नेताओं के साथ मनमोहक परेड का आनंद लिया। वह द.अफ्रीका के पहले अश्वेत भूतपूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के बाद यहां गणतंत्र दिवस समारोह में हिस्सा लेने वाले दूसरे द.अफ्रीकी राष्ट्रपति हैं।

2018: बीते साल एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) के 10 राष्ट्राध्यक्ष आए थे। उन सब ने 69वें गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था और परेड देखी थी। विदेशी मेहमानों में- ब्रुनेई के सुल्तान हसन बोल्कियाह, कंबोडिया के पीएम हुन सेन, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो, लाओस के पीएम थोंगलोउन सिसोलिथ, मलेशिया के तत्कालीन पीएम नजीब रज्जाक, म्यांमार के तब के स्टेट काउंसलर दाव आंग सान सू की, फिलीपींस के तत्कालीन राष्ट्रपति रोड्रिगो रोवा दुतेते, सिंगापुर के तब के पीएम ली हिसयन लूंग, थाईलैंड के पीएम प्रयुथ चानओशा व वियतनाम के पीएम गुयेन जूंग फुक शामिल थे।

2017: मौका था 68वें गणतंत्र दिवस का। उस दौरान अबु धाबी के प्रिंस मोहम्मद बिन जायद अल नाहन भारत आए थे। उन्होंने गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। रोचक बात है कि उस दौरान राजपथ पर निकाली गई परेड में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सेना का भी एक दल सम्मिलित था। 35 संगीतकारों के दल ने तब मार्च भी निकाला था।

2016: मोदी सरकार के दूसरे साल में 26 जनवरी पर फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद भारत आए थे। उन्होंने तब पीएम से मुलाकात के बाद राजपथ पर आयोजित भव्य परेड का लुत्फ लिया था।

2015: इन सभी विदेशी मेहमानों से पहले अमेरिकी के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को गणतंत्र दिवस पर देश बुलाया गया था।

कैसे होता है मुख्य अतिथि का चुनावः गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के चुनाव की प्रक्रिया थोड़ी लंबी और जटिल होती है। यह आयोजन से लगभग छह महीने पहले शुरू हो जाती है। सबसे पहले विदेश मंत्रालय कुछ देशों के नाम तय करता है। भारत और उन देशों के बीच कुछ फैक्टर देखे जाते हैं। इन पैमानों में सामरिक संबंधों के साथ सैन्य और आर्थिक रिश्ते भी देखे जाते हैं। गुट निरपेक्ष आंदोलन के दौरान का जुड़ाव भी अहम माना जाता है। आगे पीएम, राष्ट्रपति भवन की मंजूरी ली जाती है। फिर उस देश में स्थित भारतीय दूतावासों में राजदूत उन मेहमानों के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर पुष्टि करते हैं। बाद में विदेश मंत्रालय आगे का काम संभालता है और व्यवस्थाएं शुरू करता है।

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