ताज़ा खबर
 

गणतंत्र दिवस पर दिल्ली सहित पूरे देश में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 9/11 जैसे हमले की योजना

पूरे मध्य एवं नई दिल्ली क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर करीब 50 हजार सुरक्षा कर्मी तैनात होंगे।

Author नई दिल्ली | January 25, 2017 9:57 PM
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हाई अलर्ट के मद्देनज़र श्रीनगर में बख्शी स्टेडियम के नजदीक एक वाहन की चेकिंग करते पुलिस के जवान। (PTI Photo/25 Jan, 2017)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत देशभर में गुरुवार (26 जनवरी) को गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा के कडे प्रबंध किये गये हैं और संवेदनशील क्षेत्रों सहित चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात किये गये हैं। जगह जगह बैरिकेट लगाकर आने जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। दिल्ली में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के हजारों जवान कड़ी चौकसी रखेंगे। इस दौरान गुप्तचर जानकारी के मद्देनजर विशेष जोर हवाई आधारित खतरों को निष्क्रिय करने पर रहेगा। ऐतिहासिक राजपथ पर विशेष इंतजाम किये गए हैं जहां राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी देश की प्रदर्शित होने वाली सैन्य ताकत देखेंगे। राष्ट्रपति सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं।

पूरे मध्य एवं नई दिल्ली क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर करीब 50 हजार सुरक्षा कर्मी तैनात होंगे। इसमें दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान शामिल होंगे। हाल में आयी इस गुप्त सूचना के मद्देनजर कि हो सकता है कि लश्करे तैयबा जैसे आतंकवादी समूह हेलीकाप्टर चार्टर सेवाएं और चार्टर उड़ानों का इस्तेमाल करते हुए हवा के जरिये हमले की योजना बना रहें हो, दिल्ली पुलिस अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कड़ी सतर्कता रख रही है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस किसी भी हमले को विफल करने या उड़ने वाली संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करने के लिए ड्रोन निरोधक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है।

अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा सुरक्षा कर्मी विमान निरोधक बंदूकों के साथ ऊंची इमारतों पर तैनात रहेंगे। सीसीटीवी कैमरे लगाये गए हैं और नियंत्रण कक्ष स्थापित किये गए हैं ताकि कैमरों से मिलने वाली फीड की निगरानी की जा सके। सुरक्षा एजेंसियों को जारी परामर्श में कहा गया है कि सुरक्षा बलों के लिए यह जरूरी है कि वे खतरों के दायरे को समझें और उससे निपटने के लिए उपयुक्त रास्ते अपनायें। सुरक्षा बलों से कहा गया है कि पुलिस एवं अन्य सुरक्षा कर्मियों की भी ठीक से जांच की जाए क्योंकि ऐसी आशंका है कि आतंकवादी सुरक्षा बलों का वेश धारण कर सकते हैं। परामर्श के अनुसार, आतंकवादी फिदायीन हमला करने के लिए सुरक्षा बलों की वर्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं और इसलिए गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान तैनात होने वाले सुरक्षा कर्मियों की पहचान और जांच की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

सुरक्षा बलों को चेतावनी दी गई है कि कुछ मुस्लिम चरमपंथी संगठन हवाईजहाजों का इस्तेमाल करके 9/11 हमला जैसे हमले की योजना बना रहे हैं। 26 जनवरी को सुबह 10 बजकर 35 मिनट से सवा बारह बजे के बीच इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से किसी भी वाणिज्यिक उड़ान को उड़ान भरने या उतरने की अनुमति नहीं दी जायेगी। वहीं गुरुवार को गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों के मद्देनजर पंजाब, हरियाणा और दोनोंं राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जोखिम वाले स्थानों एवं प्रमुख प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। इसमें परेड मैदान भी शामिल है जहां परेड होती और इसके अलावा इसमें महत्वपूर्ण बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सरकारी इमारतें शामिल हैं।

पंजाब में पहले से ही पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किये गए हैं जहां चार फरवरी को चुनाव होना है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस, अर्द्धसैनिक बल एवं अन्य सुरक्षाकर्मी सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि पंजाब और हरियाणा में सभी अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित सभी जांच चौकियों को अधिकतम अलर्ट पर रखा गया है। वहीं अगरतला से मिली सूचना के मुताबिक कल गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के मद्देनजर पूरे त्रिपुरा और राज्य की बांग्लादेश से लगने वाली 856 किलोमीटर लंबी सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) कमल चक्रवर्ती ने कहा, ‘पूरे राज्य में सुरक्षा उपाय कड़े कर दिये गए हैं एवं बीएसएफ को अलर्ट कर दिया गया है। राजभवन, सिविल सचिवालय और विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किये गए हैं। उन्होंने बताया कि त्रिपुरा स्टेट राइफल्स एवं अन्य केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की दूरदराज और पर्वतीय क्षेत्रों में तैनाती करके गश्त बढ़ा दी गई है। त्रिपुरा पुलिस मुख्यालय ने बीएसएफ, टीएसआर और असम राइफल्स को अधिकतम अलर्ट पर रखा है और सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App