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लाइव शो में कहने लगीं कांग्रेस नेता, कैबिनेट विस्तार से हम खुश, हर्षवर्धन को हटा किया अच्छा काम

डॉ. हर्षवर्धन स्वयं एक चिकित्सक हैं और उनके पास स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय का भी प्रभार था।

बीजेपी नेता डॉ हर्ष वर्धन (फोटो सोर्स-ट्विटर )

रिपब्लिक भारत पर डिबेट के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता कहने लगीं कि मोदी कैबिनेट विस्तार से तो हम खुश हैं क्योंकि लंबे समय से कांग्रेस पार्टी कोरोना महामारी में जिन अनियमितताओं को लेकर बात कर रही थी वह खुद पीएम मोदी ने स्वीकार कर ली है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को उनके पद से हटाया जाना इस बात का प्रमाण है। हर्षवर्धन को उनके पद से हटा बहुत अच्छा काम किया गया।

वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के पद से डॉ हर्षवर्धन को हटाए जाने और मनसुख मंडाविया को यह जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर बृहस्पतिवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि इसका मतलब है कि अब देश में टीकों की कमी नहीं होगी। उन्होंने ‘चेंज’ हैशटैग से ट्वीट किया, ‘‘इसका मतलब है कि अब टीकों की और कमी नहीं होगी।’’ पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि नये स्वास्थ्य मंत्री का पहला काम देश में टीकों की उचित और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना होना चाहिए ।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘नये स्वास्थ्य मंत्री का पहला काम यह सुनिश्चित करना होना चाहिए कि टीकों की उचित और निर्बाध आपूर्ति हो।’’ मालूम हो कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया।

डॉ. हर्षवर्धन स्वयं एक चिकित्सक हैं और उनके पास स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अलावा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय का भी प्रभार था। कोविड-19 महामारी के दौरान कुछ टिप्पणियों को लेकर हर्षवर्धन को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस दौरान उन्होंने स्थिति से निपटने के तरीके को लेकर सरकार का पुरजोर बचाव किया था।

मंत्रिपरिषद में फेरबदल से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, रसायन एवं उर्वरक मंत्री सदानंद गौड़ा, केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष कुमार गंगवार, शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री देबश्री चौधरी, पर्यावरण राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो, मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी, मंत्री रतन लाल कटारिया आदि ने इस्तीफा दिया।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद में किए व्यापक फेरबदल और विस्तार में पिछड़ा वर्ग, दलितों, जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों और महिलाओं का प्रतिनिधित्व जहां बढ़ाया है वहीं उत्तर प्रदेश जैसे चुनावी दृष्टि से अहम राज्यों को खासा तवज्जो दी है।

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