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किसान आंदोलन: कानून पर रोक के बावजूद प्रदर्शन क्यों? राजनीतिक विश्लेषक के सवाल का प्रियंका राणा ने दिया जवाब…

सरकार का दावा है कि वे कानून से बिचौलियों को खत्म कर देगी वहीं किसानों का कहना है कि ये कानून किसानों को कॉरपोरेट के भरोसे छोड़े देंगे और एमएसपी को खत्म कर देंगे।

Farmers Protest, Agriculture Laws, SC, CJIनई दिल्ली में गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान बैठे किसान। (फोटोः पीटीआई)

रिपब्लिक भारत पर डिबेट के दौरान पैनलिस्ट संगीत रागी ने कहा कि ये किसानों का आंदोलन पूरे देश के किसानों का आंदोलन नहीं है। ये कुछ धनी किसानों का आंदोलन है। आंदोलन की डोर खालिस्तानी और वामपंथी लोगों के हाथों में चली गई है। वे किसी भी हालत में भारत सरकार से समझौता नहीं करना चाहते हैं। रागी ने पूछा कि कानून पर रोक के बावजूद प्रदर्शन क्यों किया जा रहा है? जिसका जवाब देते हुए प्रियंका राणा ने कहा कि बीजेपी सरकार का अहंकार उसको ले डूबेगा।

बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि आज राहुल गांधी किसानों के हितैषी होने का दिखावा कर रहे हैं। एनडीए से अलग हो चुके अकाली दल ने किसानों के आंदोलन का समर्थन किया है। कृषि कानूनों के चलते ही हरसिमरत ने मोदी सररकार में मंत्री पद छोड़ दिया था।

पंजाब में असली मुकाबला अकाली दल और कांग्रेस के बीच रहता है। इस वजह से भी बादल ने राहुल गांधी पर हमला बोला है। बता दें कि अगले साल होने वाले पंजाब चुनाव में कृषि कानूनों को लेकर सियासी समीकरण बन सकते हैं। ऐसे में कांग्रेस और अकाली दल दोनों ही किसानों को नाराज नहीं करना चाहते हैं। आज किसानों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी किसानों का सम्मान नहीं करते हैं। तीनों कृषि कानून किसानों को खत्म करने के लिए लाए गए हैं। अगर हमने इसे अभी नहीं रोका तो ऐसा दूसरे क्षेत्रों में भी होगा।

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार का बातचीत का दिखावा मामले को लटकाने के लिए है। आज राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसदों समेत विरोध प्रदर्शन किया।

मालूम हो कि दिल्ली की सीमा पर डटे हजारों किसान कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार का दावा है कि वे कानून से बिचौलियों को खत्म कर देगी वहीं किसानों का कहना है कि ये कानून किसानों को कॉरपोरेट के भरोसे छोड़े देंगे और एमएसपी को खत्म कर देंगे।

बता दें कि आज किसानों और सरकार के बीच नौवें दौर की बातचीत हुई। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कानून को लागू होने से रोक दिया था। आज भी सरकार और किसानों के बीच बातचीत बेनतीजा रही।

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