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बढ़ते भारत को प्रतिद्वंद्वी मान रहा चीन, लोकतांत्रिक देशों से कराना चाहता है रिश्ते खराब- अमेरिकी रिपोर्ट में लिखा

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भारत समेत दक्षिण एशिया के कई देशों का दौरा किया था, विदेश विभाग की यह रिपोर्ट उनके दौरे के बाद ही रिलीज हुई है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: November 20, 2020 8:14 AM
India-China, US State Departmentअमेरिकी विदेश विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अन्य लोकतांत्रिक देशों के साथ भारत के रिश्ते खराब करना चाहता है। (फोटो- AP)

भारत और चीन के बीच पिछले करीब 6 महीनों से लद्दाख स्थित बॉर्डर पर तनाव जारी है। इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि चीनी शासन उभरते भारत को प्रतिद्वंदी के तौर पर देखता है। इतना ही नहीं वह अमेरिका, करीबी साथियों और अन्य लोकतंत्रों के साथ भारत के रिश्तों को खराब करने की कोशिश में भी जुटा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन सुपरपावर के तौर पर अब अमेरिका की जगह लेने की भी कोशिश में है।

हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भारत समेत दक्षिण एशिया के कई देशों का दौरा किया था। अमेरिकी विदेश विभाग की यह रिपोर्ट इसके बाद ही रिलीज की गई। बता दें कि पोम्पियो पहले ही बीजिंग की ओर से अन्य देशों के खिलाफ दिखाई जा रही आक्रामकता की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने भारत को चेताते हुए कहा था कि अब अमेरिकी नेता और नागरिक भी ज्यादा साफ तौर पर देख सकते हैं कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी लोकतंत्र और कानून की समर्थक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत की स्वायत्ता पर आ रहे खतरों से निपटने के लिए अमेरिका हमेशा भारत के साथ खड़ा रहेगा।

विदेश विभाग के नीति दस्तावेज में कहा गया है कि चीन उभरते भारत को प्रतिद्वंदी की तरह देखता है और आर्थिक तौर पर भारत को अपने से जुड़ने को मजबूर करने की कोशिश में है। इस दौरान वह भारत के अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अन्य लोकतांत्रिक देशों से कूटनीतिक संबंध खराब करने में जुटा है।

चीन इस वक्त दुनियाभर के कई देशों की सुरक्षा, स्वायत्ता और आर्थिक हितों को नजरअंदाज कर रहा है। इनमें एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट नेशन (ASEAN) का हिस्सा रहने वाले देश भी शामिल हैं। 70 पन्नों की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और दुनिया के कुछ अन्य देशों में चीन की पावर कॉम्पटीशन जैसे इरादों के प्रति जागरुकता बढ़ रही है। इसके बावजूद कुछ ही चीन के दुनिया के हर क्षेत्र में घुसपैठ के तरीकों को देख पा रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन हर क्षेत्र में देशों पर दबाव बनाकर यह भावना भरना चाहता है कि आने वाले समय में चीनी प्रभाव अवश्यंभावी है। उसके मुख्य निशानों में अमेरिका के साथी देश हैं। इनमें जापान, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, फिलीपींस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश शामिल हैं। साथ ही साथ भारत, वियतनाम, इंडोनेशिया और ताइवान जैसे अमेरिका के उभरते कूटनीतिक साझेदार भी।

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