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किसान आंदोलन में जियो टॉवर तोड़ने के खिलाफ कोर्ट पहुंची RIL, कहा- हजारों कर्मचारियों का जीवन खतरे में पड़ा

रिलायंस ने अपने बयान में कहा है कि पंजाब में जियो के टावर को उपद्रवियों द्वारा नुकसान पहुँचाया जा रहा है। टावर तोड़ कर रिलायंस के काम में नुकसान और व्यवधान भी उत्पन्न किया जा रहा है। साथ ही रिलायंस ने एयरटेल और अन्य प्रतिद्वंद्वी को निशाने पर लेते हुए कहा है कि कुछ कंपनियां टावर में तोड़ फोड़ और नुकसान पहुँचाने के लिए उपद्रवियों को जानबूझ कर उकसा रही है। इससे हमारे यहाँ काम करने वाले हज़ारों कर्मचारियों का जीवन खतरे में पड़ रहा है।

jio, jio tower, mobileऑनलाइन भी Jio टावर के लिए कर सकते हैं आवेदन (photo-express )

कृषि क़ानूनों के खिलाफ चल रहे है आन्दोलन के दौरान पंजाब से जियो के मोबाइल टावरों में तोड़ फोड़ की घटना सामने आ रही है। रिलायंस ने जियो टावर के साथ हो रहे तोड़ फोड़ को लेकर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है। रिलायंस ने इस मामले में सरकारी अधिकारियों के हस्तक्षेप की मांग की है ताकि जियो की सेवा सुचारु रूप से चल सके।

रिलायंस ने अपने बयान में कहा है कि पंजाब में जियो के टावर को उपद्रवियों द्वारा नुकसान पहुँचाया जा रहा है। टावर तोड़ कर रिलायंस के काम में नुकसान और व्यवधान भी उत्पन्न किया जा रहा है। साथ ही रिलायंस ने एयरटेल और अन्य प्रतिद्वंद्वी को निशाने पर लेते हुए कहा है कि कुछ कंपनियां टावर में तोड़ फोड़ और  नुकसान पहुँचाने के लिए उपद्रवियों को जानबूझ कर उकसा रही है। इससे हमारे यहाँ काम करने वाले हज़ारों कर्मचारियों का जीवन खतरे में पड़ रहा है। हालाँकि एयरटेल ने संचार मंत्रालय को पत्र लिखकर यह बताया है कि जियो के द्वारा लगाये गए सारे आरोप गलत हैं क्योंकि उन्होंने इसका कोई सबूत नहीं दिया है।

ग़ौरतलब है कि आंदोलन के दौरान पंजाब और हरियाणा में रिलायंस के करीब 1600 टावरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर पंजाब के अलग अलग इलाकों से जियो के टावरों पर किसान आंदोलन के झंडे लगाने की तस्वीरें भी वायरल हुई थी। टावरों को नुकसान पहुँचाने वाले लोगों का तर्क था कि वे  किसान आंदोलन के समर्थन में है और रिलायंस इन नए क़ानूनों की आड़ में हमारे जमीन पर कब्ज़ा करना चाहती है। हालाँकि किसान संगठनों ने लोगों से ऐसा ना करने की अपील की थी।

कुछ दिन पहले पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने पुलिस को निर्देश दिए थे कि टावरों को नुकसान पहुंचा रहे लोगों पर कड़ी करवाई की जाए। इसके अलावा राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने मुख्य सचिव विनी महाजन और डीजीपी दिनकर गुप्ता को तलब कर रिपोर्ट भी मांगी थी। पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से किसान दिल्ली की सीमा पर धरने पर बैठे हुए हैं। आज 4 जनवरी को एकबार फिर से किसान संगठनों और सरकार के बीच बातचीत होनी है।

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