हाल-ए-कश्मीर: अपने-अपने घर को लौटो, दुकानें बंद करो, बकरीद से पहले लाउडस्पीकर पर गूंजी पुलिस की आवाज

शनिवार को तमाम प्रतिबंधों के बावजूद छिटपुट झड़पें देखने को मिलीं। स्थिति को देखते हुए श्रीनगर में प्रतिबंध से जुड़े आदेश फिर से लागू कर दिए गए

कश्मीर में तनाव को देखते हुए फिर से प्रतिबंध लगा दिया गया है। लोगों को घरों में रहने को कहा गया है। (फोटो सोर्स: REUTERS)

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। धारा 144 के साथ कश्मीर में बड़े पैमाने पर सुरक्षाबल तैनात हैं। ईद का त्योहार देखते हुए लोगों को वक्त-वक्त पर थोड़ी ढील दी जा रही है। इस दौरान एटीएम से लेकर रोज-मर्रा की चीजों के लिए लोगों को लंबी-लंबी कतारों में घंटों लगे रहना पड़ता है। शनिवार को तमाम प्रतिबंधों के बावजूद छिटपुट झड़पें देखने को मिलीं। स्थिति को देखते हुए श्रीनगर में प्रतिबंध से जुड़े आदेश फिर से लागू कर दिए गए। एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पुलिस को लाउडस्पीकरों पर घोषणा करते देखा गया। पुलिस ने घोषणा करते हुए लोगों से अपने घरों को लौटने और दुकानदारों से अपनी दुकानें बंद करने को कह दिया।

शनिवार को, गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि श्रीनगर और बारामूला में “छिटपुट विरोध” हुआ, जिनमें लगभग 20 से ज्यादा लोग शामिल नहीं थे। एक बयान में, सरकार ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने कश्मीर घाटी में गोलीबारी की कथित घटनाओं के बारे में अफवाहों पर विश्वास न करने के लिए कहा है। शनिवार को श्रीनगर और अन्य शहरों में ईद की खरीदारी के लिए अच्छा ट्रैफिक देखा गया। कश्मीर के सियासी दलों के प्रतिनिधि जैसे पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत 400 राजनीतिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पिछले सोमवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति आदेश के माध्यम से जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा दिया और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की योजना की घोषणा की। बिल ने संसद को मंजूरी दे दी और अगले कुछ दिनों में राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर किए गए। उमर अब्दुल्ला के नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सरकार के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। पार्टी सांसद अकबर लोन और हसनैन मसूदी द्वारा दायर अपनी याचिका में – पार्टी ने दावा किया कि केंद्र की पहल “अवैध” थी। वहीं, इन सबके बीच जम्मू-कश्मीर में लॉक-डाउन के दौरान घाटी में डेरा डाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को भी एक वीडियो में स्थानीय लोगों के साथ बातचीत करते देखा गया।

दूसरे सप्ताह भी घाटी में बंदी होने के चलते लोगों को कई तरह की दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंकों और एटीएम में नकदी की कमी हो रही है। स्थानीय और थोक बाजार तथा केमिस्ट की दुकानें में दवाईयों की कमी है। हालांकि, त्योहार को देखते हुए बकरी और भेड़ों की बाजार में मौजूदगी देखी जा सकती है। शुरू में ईद के मौके पर सख्त ‘कर्फ्यू’ में ढील देने के बाद पुलिस ने रविवार दोपहर पुलिस वैन के अंदर से घोषणा की कि लोगों अपने घरों के अंदर ही रहें। प्रशासन ने कुछ ही हिस्सों में दुकाने खोलने की इजाजत दी है।

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