दिल्ली सरकार ने राजधानी में पुराने पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट्स) को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक स्मार्ट एलईडी फिटिंग में बदलने की योजना तैयार की है। एक अनुमान के मुताबिक, केवल एचपीएसवी फिटिंग को स्मार्ट एलईडी में बदलने से ही बिजली और रखरखाव लागत में प्रतिवर्ष लगभग 31.53 करोड़ रुपए की बचत होने की संभावना है।
इस योजना के तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन संचालित 96,000 से अधिक पथ प्रकाश में से करीब 45,000 एचपीएसवी लाइटों को बदला जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना की लागत को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे अगली व्यय एवं वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। ईएफसी की बैठक की अध्यक्षता आमतौर पर मुख्यमंत्री करती हैं, जिसमें मंत्रिमंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। मंजूरी मिलने के बाद निविदाएं आमंत्रित कर एजंसी चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विभाग का कहना है कि नई ऊर्जा-कुशल स्मार्ट एलईडी लाइटों से बेहतर रोशनी, कम बिजली खपत और लंबी आयु सुनिश्चित होगी। वर्तमान में पीडब्ल्यूडी पथ प्रकाश के बिजली बिल और रखरखाव पर सालाना करीब 90 करोड़ रुपए खर्च करता है। सरकार राजस्व के नए माडल पर भी विचार कर रही है। सड़कों पर लगे पथ प्रकाश के खंभों का उपयोग विज्ञापन के लिए किए जाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जिससे अतिरिक्त आय सृजित की जा सके।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक स्मार्ट लाइट को एक मोबाइल एप्लिकेशन से जोड़ा जाएगा। इसकी निगरानी पीडब्ल्यूडी मुख्यालय स्थित केंद्रीकृत डैशबोर्ड और नियंत्रण कक्ष से की जाएगी। इससे अधिकारियों को रियल टाइम में लाइटों के प्रदर्शन पर नजर रखने, खराबी का तत्काल पता लगाने और शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। परियोजना के तहत स्वचालित खराबी पहचान और निगरानी प्रणाली जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
