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झारखंड के एक जिले में करोड़ों की शराब पी गए लोग, शराबबंदी वाले बिहार में भी रिकॉर्ड खपत

पुलिस की सख्ती की वजह से कई बार और रेस्टोरेंट बंद रहे लेकिन इसके बावजूद लोगों ने जमकर शराब पी और शराब की बिक्री भी काफी ज़ोरदार हुई। झारखंड के एक जिले में तो लोग 4 करोड़ की शराब गटक गए। हालाँकि पड़ोसी राज्य बिहार भी इस मामले में कहीं से पीछे नहीं रहा. यहाँ भी लोगों ने जम कर शराब खरीदी। जबकि बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी है।

Bihar Alcohol Ban, Liquor Ban, Alcohol Ban, Alcohol, Liquorतस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

कोरोना महामारी के चलते केंद्र सरकार ने नए साल के मौके पर 31 दिसंबर की रात को नाईट कर्फ्यू की घोषणा की थी। पुलिस की सख्ती की वजह से कई बार और रेस्टोरेंट बंद रहे लेकिन इसके बावजूद लोगों ने जमकर शराब पी और शराब की बिक्री भी काफी ज़ोरदार हुई। झारखंड के एक जिले में तो लोग 4 करोड़ की शराब गटक गए। हालाँकि पड़ोसी राज्य बिहार भी इस मामले में कहीं से पीछे नहीं रहा. यहाँ भी लोगों ने जम कर शराब खरीदी। जबकि बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी है। वैसे बिहार पुलिस ने काफी जगहों पर छापेमारी भी की और शराब की बड़ी बड़ी खेप भी जब्त की।

झारखंड के देवघर जिले में करीब चार करोड़ के शराब की बिक्री हुई जिसमें से करीब 2.68 करोड़ की सिर्फ अंग्रेजी शराब थी। कोरोना काल में आई आर्थिक मंदी के बावजूद शराब की इतनी बिक्री किसी रिकॉर्ड से कम नहीं हैं. झारखंड के आबाकारी विभाग के अनुसार यह बिक्री सामान्य दिनों के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा थी। इस दौरान झारखंड के अधिकांश शराब दुकानों पर अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।  शराब की बिक्री ज्यादा होने से आबकारी विभाग ने पुरे राज्य से करोड़ों रूपये कर के रूप में इकट्ठा किये हैं।

झारखंड के शराब दुकानदारों की माने तो नए साल के मौके पर पड़ोसी राज्य बिहार से भी काफी खरीददार आये। चूँकि बिहार में शराबबंदी है इसलिए बिहार के लोगों ने झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में जा कर जमकर शराब पी। हालाँकि इस दौरान आबकारी विभाग की सख्ती की वजह से भारी मात्रा में अवैध शराब को बरामद भी किया गया और तस्करी भी रोकी गयी।

आपको बता दूँ कि बिहार में अप्रैल 2016 से ही शराबबंदी लागू है. इसके बावजूद बिहार में शराब की खपत कई राज्यों से ज्यादा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2020 के अनुसार बिहार में महाराष्ट्र से ज्यादा लोग शराब पी रहे हैं। हालत यह है कि बिहार में मद्य निषेध विभाग के द्वारा औसतन हर घंटे में 1341 लीटर शराब पकड़ी जा रही है। यह शराब झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश और नेपाल से मंगवाई जाती है।

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