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हरियाणा: जायदाद दलालों के लिए लागू होगी आचार संहिता, संपत्ति खरीदारी-बिक्री पर एक फीसद से ज्‍यादा कमीशन नहीं

रियल एस्टेट की पंजीकृत परियोजनाओं के लिए हरेरा ने हरियाणा प्रापर्टी डीलर्स एवं कंसल्टेंट्स विनियामक अधिनियम-2008 के तहत बनाए गए हरियाणा प्रॉपर्टी डीलर्स एवं कंसल्टेंट्स विनियामक नियम-2009 में निर्धारित से अधिक कमीशन लेने पर सभी प्रमोटरों और ब्रोकर्स को प्रतिबंध आदेश जारी करने का निर्णय लिया है।

केके खंडेलवाल, अध्यक्ष, हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा), गुरुग्राम

हरियाणा में जमीन-जायदाद खरीदने-बेचने वालों से संयुक्त रूप से एक फीसद (दोनों से आधा-आधा फीसद) से अधिक कमीशन वसूलने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। संपत्ति विक्रेताओं और खरीदारों से प्रॉपर्टी डीलर्स मनमाना कमीशन वसूल रहे थे जिसका हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा), गुरुग्राम के अध्यक्ष डॉक्टर केके खंडेलवाल और सदस्य एससी कुश ने संज्ञान लिया है।

ब्रोकर्स के लिए आचार संहिता तैयार की जा रही है, जिसे जल्द से जल्द लागू किया जाएगा। वहीं, जिन ब्रोकर्स के खिलाफ शिकायतें मिलीं हैं, उनके विरुद्ध फोरेंसिक आॅडिट शुरू किया जाएगा। रियल एस्टेट की पंजीकृत परियोजनाओं के लिए हरेरा ने हरियाणा प्रापर्टी डीलर्स एवं कंसल्टेंट्स विनियामक अधिनियम-2008 के तहत बनाए गए हरियाणा प्रॉपर्टी डीलर्स एवं कंसल्टेंट्स विनियामक नियम-2009 में निर्धारित से अधिक कमीशन लेने पर सभी प्रमोटरों और ब्रोकर्स को प्रतिबंध आदेश जारी करने का निर्णय लिया है। इसके नियम 10 में संपत्ति विक्रेता एवं खरीददार द्वारा विक्रय मूल्य पर कुल एक फीसद कमीशन का प्रावधान है। यानी प्रत्येक को आधा-आधा फीसद का भुगतान करना होता है।

प्रॉपर्टी डीलर/ब्रोकर्स प्रमोर्ट्स के साथ साठगांठ कर विक्रेताओं और खरीदारों दोनों से निर्धारित कमीशन के बजाय पांच से 10 फीसद शुल्क वसूल रहे हैं। इस अतिरिक्त कमीशन का बोझ अंतत: आबंटी द्वारा साझा किया जाता है। हरियाणा प्रापर्टी डीलर्स एवं कंसल्टेंट्स विनियामक अधिनियम-2008 के तहत संबंधित उपायुक्त द्वारा प्रॉपर्टी डीलर/ब्रोकर्स को लाइसेंस दिए जाते हैं। प्रॉपर्टी डीलर का पंजीकरण रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम-2016 की धारा 9 के तहत रेरा द्वारा किया जाता है। सभी पंजीकृत रियल एस्टेट एजंट को इसके कानूनी प्रावधानों का पालन करना होता है।

अध्यक्ष डॉक्टर केके खंडेलवाल ने कहा कि यह भी सामने आया कि कुछ ब्रोकर्स/प्रॉपर्टी डीलर्स अनधिकृत कॉलोनियों की बिक्री में संलिप्त हैं। ऐसे ब्रोकर्स पर सख्त नजर रखी जा रही है उनके खिलाफ कानून के अनुसार आपराधिक/सिविल कार्रवाई शुरू की जा सके। जिन ब्रोकर्स/प्रॉपर्टी डीलर्स के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें प्राधिकरण के साथ उनके पंजीकरण को रद्द करने सहित उनके लाइसेंस वापिस लेने के लिए उपायुक्त को सिफारिश करने जैसा दंड भी दिया जाएगा।

हरेरा के सदस्य एससी कुश ने बताया कि आचार संहिता में रियल एस्टेट परियोजना और इकाइयों के विवरण को एक ऐसी जगह पर प्रदर्शित करना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है जहां उन द्वारा बिक्री की सुविधा दी जा रही है। डॉ. खंडेलवाल ने यह भी बताया कि प्रोमोर्ट्स को विवरणिका एवं विज्ञापन में ब्रोकर्स का विवरण देने के लिए भी कहा जाएगा ताकि मुख्य ब्रोकर्स की ओर से काम कर रहे अनधिकृत ब्रोकर्स खरीदारों से गलत व्यवहार न करें।
देखने में आया है कि ब्रोकर्स बिल्डरों से खुद को पूर्व-निर्धारित दर पर थोक में इकाइयां आबंटित करवाते हैं, फिर उन्हें अतिरिक्त दरों पर बेचते हैं और जिस भी अतिरिक्त दर पर इकाइयां बेची जाती हैं, उसे एजंट के लाभ के रूप में रखा जाता है।

इस तरह की बिक्री अवैध है। क्योंकि रियल एस्टेट परियोजना केवल प्रमोटर द्वारा विकसित एवं बेची जाती है। अगर रियल एस्टेट एजंट इनकी बिक्री में संलिप्त हैं तो उसे भी खुद को एक प्रमोटर के रूप में पंजीकृत करना होगा। खरीदारों को गुमराह करने वालों से प्राधिकरण सख्ती से निपटेगा और उन्हें दंडित किया जाएगा। डॉ. खंडेलवाल ने बताया कि उन लगभग दो दर्जन ब्रोकर्स के खिलाफ फोरेंसिक आॅडिट शुरू किया जाएगा, जिनके खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई हैं। ऐसे ब्रोकर्स को प्रोत्साहित करने वाले प्रमोटरों को भी दंडित किया जाएगा।

हरेरा, गुरुग्राम प्रॉपर्टी डीलर्स के लिए आचार संहिता निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू है। प्राधिकरण के संज्ञान में यह बात भी आई है कि कुछ प्रॉपर्टी डीलर्स किसी विशेष मानक या ग्रेड की सेवाओं को गलत तरीके से दर्शा रहे हैं और परियोजना की सेवाओं एवं अनुमोदन के संबंध में गलत या भ्रामक प्रचार कर आम जनता को गुमराह कर रहे हैं। आचार संहिता प्रॉपर्टी डीलर्स द्वारा रखे जाने वाले खातों की अतिरिक्त पुस्तकों को संरक्षित करेगी, ताकि नियमों का पालन हो। इससे लेनदेन का रिकॉर्ड भी रखा जा सकेगा जिसे खरीददार और ब्रोकर्स के बीच विवाद होने के मामले में प्राधिकरण द्वारा जारी किया जा सकता है। – केके खंडेलवाल, अध्यक्ष, हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा), गुरुग्राम

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