ताज़ा खबर
 

बिहार चुनाव ‘जंगलराज-2’ और ‘मंडलराज-2’ के बीच का मुकाबला है: लालू प्रसाद

लालू प्रसाद ने कहा कि वह ‘‘फांसी पर चढ़ने’’ को तैयार हैं लेकिन वह भाजपा एवं आरएसएस को पिछड़ों एवं दलितों के आरक्षण को समाप्त नहीं करने देंगे..

Author पटना | September 30, 2015 8:13 PM
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव। (पीटीआई फाइल फोटो)

कथित जातिवादी टिप्पणी को लेकर अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने से अप्रभावित दिख रहे राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने आज कहा कि वह ‘‘फांसी पर चढ़ने’’ को तैयार हैं लेकिन वह भाजपा एवं आरएसएस को पिछड़ों एवं दलितों के आरक्षण को समाप्त नहीं करने देंगे।

इसके साथ ही लालू ने साफ कर दिया कि बिहार चुनावों के लिए उनके एजेंडा में मंडल राजनीति सबसे ऊपर है। प्रसाद ने कहा, ‘‘मैं फांसी पर चढ़ने को तैयार हूं लेकिन भाजपा एवं आरएसएस को आरक्षण समाप्त नहीं करने दूंगा।’’

लंबे समय से पिछड़े वर्गों का मसीहा माने जाने वाले लालू ने बिहार के इस चुनाव को जंगलराज दो और मंडलराज दो के बीच का मुकाबला बताया। उनकी कथित जातिवादी टिप्पणी को लेकर कल उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। उसके एक दिन बाद लालू प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा ने जंगलराज दो का नारा दिया है जिसके खिलाफ मैं मंडलराज दो कह रहा हूं….। यह कहने में क्या अपराध है?’’

अपने पुत्र तेजस्वी यादव के चुनाव प्रचार की शुरुआत करते हुए लालू ने रविवार को राघोपुर में एक रैली में विधानसभा चुनाव को ‘‘पिछड़ा जातियों और अगड़ी जातियों’’ के बीच सीधा मुकाबला बताया था तथा यादवों और अन्य पिछड़ी जातियों से धर्मनिरपेक्ष गठबंधन का समर्थन करने को कहा था ताकि भाजपा नीत राजग को हराया जा सके। तेजस्वी राघोपुर विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ रहे हैं।

चुनाव आयोग ने उनकी टिप्पणी को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना था और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने चुनावी भाषणों में कहा है कि अगर जदयू-राजद-कांग्रेस गठबंधन सत्ता में आता है तो ‘‘जंगल राज’’ लौट सकता है। विपक्ष ने राजद के 1990 से 2005 के बीच 15 साल के शासनकाल के दौरान कथित अराजकता का वर्णन करने के लिए ‘‘जंगल राज’’ शब्द को हवा दी थी।

आरक्षण की समीक्षा संबंधी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी को लेकर लालू और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमला बोला था और दावा किया था कि मोदी सरकार आरक्षण को समाप्त करना चाहती थी। मंडल आयोग की रिपोर्ट के लेखक बी पी मंडल के प्रदेश में आरक्षण एक संवदेनशील मुद्दा है।
लालू प्रसाद की पार्टी ने बिहार में 15 साल तक शासन किया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App