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किसानों से बोले टिकैत – खड़ी फसल को आग ही क्यों न लगानी पड़े, कृषि कानून निरस्त हुए बिना हम वापस नहीं जाएंगे

कृषि कानून निरस्त नहीं होने तक वापस घर नहीं जाने की बात दोहराते हुए टिकैत ने कहा कि किसानों को इसके लिये अपनी खड़ी फसल के बलिदान के लिये तैयार रहना चाहिए।

Author Edited By सिद्धार्थ राय नई दिल्ली | Updated: February 19, 2021 8:05 AM
Rakesh Tikait, Bharatiya Kisan Union leader, farmers protest, farmers crop sacrifice, jansattaटिकैत ने कहा कि किसानों को इसके लिये अपनी खड़ी फसल के बलिदान के लिये तैयार रहना चाहिए। (file)

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार को कहा कि जब तक सरकार कृषि कानून निरस्त नहीं करती तब तक वे घर वापस नहीं जाएंगे। ऐसे में टिकैत ने साथी किसानों से कहा कि किसान समुदाय को आंदोलन जारी रखने के लिए एक फसल का त्याग करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

कृषि कानून निरस्त नहीं होने तक वापस घर नहीं जाने की बात दोहराते हुए टिकैत ने कहा कि किसानों को इसके लिये अपनी खड़ी फसल के बलिदान के लिये तैयार रहना चाहिए। टिकैत ने कहा कि सरकार को इस मुगालते में नहीं रहना चाहिए कि कानूनों के खिलाफ आंदोलन खत्म हो जाएगा क्योंकि किसान अपनी फसल की कटाई के लिये घर चले जाएंगे।

हिसार के खड़क पूनिया गांव में एक “महापंचायत” को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आपको अपनी खड़ी फसल को आग ही क्यों न लगानी पड़े, आपको इसके लिये तैयार रहना चाहिए। सरकार को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि किसान घर लौट जाएंगे। हम अपनी फसल की कटाई भी करेंगे और उसके साथ ही अपना प्रदर्शन भी जारी रखेंगे।” उन्होंने कहा, “तब तक कोई ‘घर वापसी’ नहीं होगी।”

टिकैत ने किसानों से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संघों के अगले आह्वान के लिये तैयार रहने को कहा। उन्होंने कहा, “अपने ट्रैक्टरों में ईंधन भरवाकर उनका मुंह दिल्ली की ओर करके रखो। आपके लिये किसी भी वक्त चलने का आह्वान किया जा सकता है, जिसका निर्धारण समिति (किसान संघों) द्वारा किया जाएगा।”

टिकैत ने कहा कि हरियाणा के बाद वे पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात समेत देश के अन्य हिस्सों में भी पंचायत करेंगे। टिकैत ने कहा कि पहले जहां दिल्ली में “ट्रैक्टर रैली” के लिये आह्वान किया गया था वहीं अगली बार वे अपने कृषि उपकरणों के साथ राष्ट्रीय राजधानी जाएंगे।

वहीं कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के मद्देनजर पूर्वी महाराष्ट्र के यवतमाल जिला प्रशासन ने टिकैत को 20 फरवरी की महापंचायत के लिए अनुमति नहीं दी है। वतमाल जिलाधिकारी एम डी सिंह ने कहा, ‘‘पिछले दो दिनों में कोविड-19 के मामले बढ़ने को ध्यान में रखते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक ने यह रिपोर्ट दी है कि (रैली की) अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही, हमने जिले में आज रात से लॉकडाउन लागू करने का भी आदेश दिया है, इसलिए हमने रैली की अनुमति नहीं दी है।’’ टिकैत का शनिवार को यवतमाल शहर के आजाद मैदान में एक रैली को संबोधित करने का कार्यक्रम था।

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