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बंद हुए 15.44 लाख करोड़ रु में से 12.44 लाख करोड़ खजाने में वापस, पर लोगों के बीच पहुंचे कुल 4.61 लाख करोड़ रु

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मंगलवार (14 दिसंबर) को बताया कि नोटबंदी के बाद 500 और 1000 रुपए के नोटों में 12.44 लाख करोड़ रुपए बैंकों में वापस आ चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (PTI Photo by Subhav Shukla)

एक तरफ भारत के लोग नोटबंदी के फायदे नुकसान गिनने में लगे हैं वहीं वेनेजुएला के बाद अब ऑस्ट्रेलिया भी अपने देश में नोटबंदी का ऐलान कर दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने अपने यहां के सबसे बड़े नोट यानी 100 डॉलर के नोट को बंद करने का फैसला ले लिया है। ऑस्ट्रेलिया की सरकार के मुताबिक, यह फैसला कालेधन की रोकथाम के लिए लिया गया है। ऑस्ट्रेलिया के राजस्व और वित्तीय सेवा के मंत्री केली ओ डवेयर ने ABC Radio से बातचीत करते हुए कहा, ‘हम लोग कालेधन को खत्म करने के लिए अपनी तरफ से हरसंभव कोशिश करेंगे।’ ऑस्ट्रेलिया में 100 डॉलर के 300 मिलियन नोट चलन में थे। वहां की करेंसी का 92 प्रतिशत हिस्सा 50 और 100 डॉलर के रूप में मौजूद है।

मंत्री के मुताबिक, वहां भी ज्यादा पेमेंट फिलहाल कैश में हो रही हैं और उनकी जीडीपी में कालेधन का प्रतिशत 1.5 है। पिछले हफ्ते वेनेजुएला ने भी नोटबंदी का ऐलान किया था। उन्होंने धन छिपाकर रखने वालों को ‘मजा चखाने’ के लिए 100 bolivar को बंद कर दिया था। वेनेजुएला इस वक्त 700 प्रतिशत मुद्रास्फिति से जूझ रहा है।

मोदी सरकार ने 8 नवंबर को नोटबंदी का फैसला लिया था। ऐलान किया गया था कि 500 और 1000 रुपए के नोट चलने बंद हो जाएंगे और 2000 और 500 के नए नोट चलाए जाएंगे। तब से लोग अपने कालेधन को सफेद करने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहे हैं। जिनमें से ज्यादातर को पकड़े जा रहे हैं। भारत में 500-1000 रुपए के नोट बंद होने से 15.44 लाख करोड़ रुपए की करेंसी बंद हो गई थी। जो कि सर्कुलेशन में मौजूद कुल रुपयों का 86 प्रतिशत थी। जिसमें से 12.44 लाख करोड़ रुपए विभिन्न बैंकों में जमा करवाए जा चुके हैं। (यह आंकड़े 10 दिसंबर तक के हैं) यानी अब 3 लाख करोड़ रुपए आने बाकी हैं।

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