स्टेट बैंक को 1 करोड़ की चपत, निर्देशों के उल्लंघन पर RBI ने लगाया जुर्माना, जानें पूरा मामला

ये कार्रवाई इसलिए हुई है क्योंकि आरबीआई ने एक बैंक ग्राहक के खाते की जांच की, जिसमें ये पाया गया कि एसबीआई ने आरबीआई के निर्देशों के पालन में देरी की।

RBI
आरबीआई ने ये साफ कर दिया इस जुर्माने का असर बैंक के किसी ग्राहक पर नहीं पड़ेगा और ना ही उसे दी जाने वाली किसी सुविधा में कमी की जाएगी। (इमेज क्रेडिट: The Financial Express)

भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। रिजर्व बैंक द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में लापरवाही बरतने की वजह से स्टेट बैंक पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, आरबीआई ने स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक पर भी 1.95 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। निर्देशों का पालन नहीं करने पर इस बैंक पर भी कार्रवाई हुई है। यह मौद्रिक जुर्माना बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत लगाया गया है।

आरबीआई का कहना है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया निर्देश 2016 का पालन नहीं करने पर ये कार्रवाई की गई है और जुर्माना बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा-47ए (1)(सी) के प्रावधानों के तहत लगाया गया है।

हालांकि आरबीआई ने ये साफ कर दिया इस जुर्माने का असर बैंक के किसी ग्राहक पर नहीं पड़ेगा और ना ही उसे दी जाने वाली किसी सुविधा में कमी की जाएगी।

ये कार्रवाई इसलिए हुई है क्योंकि आरबीआई ने एक बैंक ग्राहक के खाते की जांच की, जिसमें ये पाया गया कि एसबीआई ने आरबीआई के निर्देशों के पालन में देरी की। बाद में ये भी पता लगा कि धोखाधड़ी की सूचना आरबीआई को देर से दी गई। इसके बाद ही आरबीआई ने एसबीआई को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा कि आप बताएं कि आप पर जुर्माना क्यों ना लगाया जाए?

बता दें कि एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है और अगर उस पर निर्देशों के पालन ना करने की वजह से जुर्माना लग सकता है, तो ये बाकी बैंकों के लिए एक सबक होगा कि वह आरबीआई के निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

आरबीआई इससे पहले भी बैंकों पर सख्त कार्रवाई कर चुका है और तगड़ा जुर्माना लगा चुका है। बीते महीने ही आरबीआई ने प्राइवेट सेक्टर के लेंडर आरबीएल बैंक (RBL Bank) पर 2 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। ये जुर्माना नियामकीय अनुपालन में खामियों और बैंकिंग नियमन अधिनियम के प्रावधानों का पालन नहीं करने की वजह से लगाया गया था।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट