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चार चरणों में 36 सवाल: ईडी ने करीब पांच घंटे की रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ, गए थे हंसते पर लौटे चुपचाप

ईडी का आरोप है कि फरार चल रहे हथियार कारोबारी संजय भंडारी ने 19 लाख पाउंड में लंदन की यह संपत्ति खरीदी थी। उसकी मरम्मत पर करीब 66 हजार पाउंड खर्च करने के बाद साल 2010 में उतनी ही रकम में भंडारी ने उस प्रपर्टी को वाड्रा के हाथों बेच दिया।

राबर्ट वाड्रा। (Express Photo By Amit Mehra)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा और महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार (6 फरवरी) को करीब पांच घंटे तक पूछताछ की है। हालांकि, वाड्रा करीब छह घंटे तक ईडी दफ्तर में रहे। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में ईडी ने उन्हें पूछताछ के लिए सम्मन भेजा था। वाड्रा रात करीब 9 बजकर 40 मिनट पर ईडी के दफ्तर से बाहर निकले। यह मामला लंदन की 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर स्थित एक संपत्ति की खरीदारी में हुई मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा हुआ है। इस संपत्ति की कीमत 19 लाख पाउंड बताई गई है। कथित तौर पर इस संपत्ति का मालिकाना हक वाड्रा के पास है। वाड्रा के वकील ने मीडिया को बताया कि उनके मुवक्किल ने ईडी को लिखित में दिया कि जब कभी बुलाया जाएगा वो हाजिर रहेंगे।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक वाड्रा ने ईडी के अधिकांश सवालों का जवाब दिया मगर सभी आरोपों से इनकार किया। जब ईडी के अफसरों ने उनसे संजय भंडारी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वो संजय भंडारी को नहीं जानते। उन्होंने लंदन की प्रॉपर्टी के मालिकाना हक से भी इनकार किया है। सूत्र बता रहे हैं कि ईडी दोबारा वाड्रा से पूछताछ कर सकती है। ईडी चार चरणों में वाड्रा से 36 सवाल पूछ सकता है। जब वाड्रा करीब पौने चार बजे ईडी दफ्तर पहुंचे थे तब उनके साथ पत्नी प्रियंका गांधी वाड्रा भी थीं। यह पहला मौका था, जब प्रियंका किसी जांच एजेंसी के दफ्तर वाड्रा के साथ गई हों।

प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि फरार चल रहे हथियार कारोबारी संजय भंडारी ने 19 लाख पाउंड में लंदन की यह संपत्ति खरीदी थी। उसकी मरम्मत पर करीब 66 हजार पाउंड खर्च करने के बाद साल 2010 में उतनी ही रकम में भंडारी ने उस प्रपर्टी को वाड्रा के हाथों बेच दिया। ईडी सूत्रों के मुताबिक भंडारी इस संपत्ति का वास्तविक मालिक नहीं था, बल्कि उसने वाड्रा को फायदा पहुंचाने के लिए यह सौदा किया था।

इस बीच दिल्ली की एक अदालत ने धन शोधन के एक मामले में रॉबर्ट वाड्रा के करीबी सहयोगी मनोज अरोड़ा को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा की अवधि बुधवार को 16 फरवरी तक बढ़ा दी। अदालत ने अरोड़ा को यह राहत तब प्रदान की जब जांच एजेंसी ने न्यायाधीश को अवगत कराया कि वाड्रा को भी 16 फरवरी तक अंतरिम जमानत प्रदान की गयी है। ईडी ने वाड्रा की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया था और दावा किया था कि 2009 में एक पेट्रोलियम सौदे में उन्हें रिश्वत मिली थी।

सुनवाई के दौरान एजेंसी ने अरोड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा की अवधि बुधवार को खत्म हो रही थी। ईडी के विशेष लोक अभियोजक नीतेश राणा ने मामले की सुनवाई 16 फरवरी तक स्थगित करने का अनुरोध किया क्योंकि वाड्रा का मामला भी उसी दिन के लिए सूचीबद्ध है।

(एजेंसी इनपुट्स के  साथ)

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