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धर्मेंद्र प्रधान मेहरबानी कर रहे…आप पैसे बचा नहीं सकते इसलिए तेल के दाम बढ़ा बचत कर रहे…रवीश कुमार का तंज

देश के कई हिस्सों में पेट्रोल 100 के पार जा चुका है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के कुछ शहरों और कस्बों में 100 रुपये प्रति लीटर के निशान को पार कर चुका है।

देश के कई हिस्सों में पेट्रोल 100 के पार जा चुका है। (express file)

कोरोना संकट के बीच पेट्रोल की बढ़ती कीमतें आम आदमी की कमर तोड़ रही है। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल 100 के पार जा चुका है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के कुछ शहरों और कस्बों में 100 रुपये प्रति लीटर के निशान को पार कर चुका है। इसको लेकर वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने एक फेसबुक पोस्ट लिखा है।

रवीश ने अपने प्राइम टाइम सो का वीडियो शेयर करते हुए लिखा “प्रधान के अनुसार पेट्रोल महँगा होने के प्रधान कारण क्या हैं?” पत्रकार ने लिखा “धर्मेंद्र प्रधान आप जनता पर मेहरबानी कर रहे हैं। चूँकि आप पैसे बचा नहीं सकते इसलिए पेट्रोल डीज़ल के दाम बढ़ा कर पैसे बचा रहे हैं ताकि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लिए पैसे हो। 2017 से प्रधान साहब यही राग अलाप रहे हैं। जब भी पेट्रोल डीज़ल महँगा होता यह दलील लेकर आ जाते हैं कि सरकार हाईवे बनवा रही है, स्वच्छता अभियान चला रही है इसलिए दाम बढ़ रहे हैं।”

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रवीश ने आगे लिखा “इन दिनों ग़रीब कल्याण योजना और किसान सम्मान योजना की दुहाई दे रहे हैं कि इन्हें चलाने के लिए पेट्रोल महँगा किया जा रहा है। पीएम किसान सम्मान योजना के 2000 के लिए किसानों की जेब से ही न जाने कितने हज़ार निकाल रहे हैं। ऐसे समाजशास्त्री और अर्थशास्त्री को कोई बताए कि आप पहले योजना बना लें। फिर बजट में ही पेट्रोल और डीज़ल के दाम तय कर दें। कहें कि यह योजना आ रही है इसके लिए पेट्रोल पाँच रुपया और महँगा बेचा जाएगा। लगता है कि सरकार पूरा ख़र्चा पेट्रोल और डीज़ल से ही निकाल रही है। पाँच ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का ढोल पीटते पीटते ढोल ही फट गया। अब कह रहे हैं कि सरकार के पास पैसे नहीं है।

पत्रकार ने कहा “उनकी इस दलील से यह साफ़ है कि केंद्र सरकार के कारण पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय कारणों से नहीं बढ़ रहे हैं। बीच बीच में प्रधान कहते हैं कि विपक्षी सरकारें अपने यहाँ टैक्स क्यों नहीं घटाती हैं। हाल ही में भारतीय रिज़र्व बैंक ने कहा है कि केंद्र और राज्य दोनों को टैक्स घटाना चाहिए। प्रधान केंद्र की बात नहीं करेंगे लेकिन विपक्षी सरकारों की बात करना नहीं भूलते हैं।

रवीश ने कहा” आप उनके सभी बयानों को सुनिए। पेट्रोल के दाम बढ़ने के प्रधान कारण का पता ही नहीं चलेगा। इस बीच आप जनता हर दिन कंगाल हुए जा रहे हैं. कमाई बंद है और उस पर से महंगाई की तलवार चल रही है।”

उनके इस पोस्ट पर यूजर्स ने भी अपनी प्रतिकृया दी हैं। एक यूजर ने लिखा “कितनी भूख है इनकों स्वयं इनको भी पता नहीं है, देश के संसाधन बेचे जा रहे जिनके बेचने का विरोध करते रहे थे, लोग राष्ट्रवाद का नशा पिलाकर निचोरे जा रहे हैं और सब्जबाग के सहारे उन्हें बहलाया जा रहा है. हो भी क्यों नहीं जब लोग मदहोश होकर निचोड़ने को मसाज समझ रहे हों।”

एक यूजर ने लिखा “526 करोड़ का राफेल 1600 करोड़ में खरीदा जा सकता है। तो 2 करोड़ की जमीन.18 करोड़ में क्यों नहीं खरीदी जा सकती?” एक अन्य यूजर ने लिखा “मौजूदा सरकार की खासियत ये है कि केंद्र में पूर्ण बहुमत से बैठे हुए भी, देश के ज्यादातर राज्यों में इनकी सरकार होते हुए भी, ये उदाहरण सिर्फ चंद गैर बीजेपी शासित राज्यों का ही देंगे। कैसी विकलांग मानसिकता है ये ? केंद्र सरकार के मायने पूरे देश को समान नजरों से देखने और एक जैसा व्यवहार करना होना चाहिए, न कि हर मसले पर पार्टी का चश्मा पहन कर अलग अलग भेद करना चाहिए।”

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