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बैन पर एनडीटीवी इंडिया के रवीश कुमार ने नरेंद्र मोदी सरकार को ऐसे दिया जवाब, कसे तीखे तंज

एनडीटीवी पर बैन का विरोध करने के लिए पत्रकार रवीश कुमार ने शुक्रवार (4 नवंबर) को अपने प्राइम टाइम में इस बार कुछ अलग किया।
एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार दो मूक कलाकारों के साथ।

एनडीटीवी इंडिया पर लगे बैन का विरोध करने के लिए पत्रकार रवीश कुमार ने शुक्रवार (4 नवंबर) को अपने प्राइम टाइम में इस बार कुछ अलग किया। हर बार जहां रवीश अपने शो में गंभीर किस्म के मुद्दों को लेकर बहस करते नजर आते थे वहीं इस बार उन्होंने दो मूक कलाकारों को बुलाकार मूक अभिनय करवाया। पूरे शो में रवीश ही बोलते हैं और दोनों मूक कलाकार अपने मूक अभिनय का प्रदर्शन करते रहते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में रवीश दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण का जिक्र करते हैं। उसके बाद वह बात को घुमा-फिराकर उनके चैनल पर लगे बैन पर ले आते हैं। प्राइम टाइम की शुरुआत रवीश बोलते हैं, ‘ “जब हम सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो क्या करेंगे” कहते हैं। दिल्ली में सरकारी स्कूलों को बंद करने का फैसला किया गया है। गुड़गांव के भी कुछ स्कूलों को बंद करने का फैसला किया गया है। हवा ही कुछ ऐसी है कि अब जाने क्या क्या बंद करने का फैसला किया जाएगा। हम जागरूक हैं। हम जानते भी हैं। आज बच्चा बच्चा पीएम के साथ साथ पीएम 2.5 के बारे में जानने लगा है। मगर हो क्या रहा है। इस सवाल को ऐसे भी पूछिये कि हो क्या सकता है। अभी अभी तो रिपोर्ट आई थी कि कार्बन का भाई डाई आक्साईड का हौसला इतना बढ़ गया है कि अब वो कभी पीछे नहीं हटेगा। दिल्ली की हवा आने वाले साल में खराब नहीं होगी बल्कि हो चुकी है। अब जो हो रहा है वो ये कि ये हवा पहले से ज्यादा खराब होती जा रही है। दरअसल जवाब तो तब मिलेगा जब सवाल पूछा जाएगा, सवाल तो तब पूछा जाएगा जब नोटिस लिया जाएगा, नोटिस दिया नहीं जाएगा।’

इसके बाद रवीश ने नचिकेता की कहानी का जिक्र किया जिसके पिता उसे ज्यादा सवाल पूछने की वजह से यमराज को दान कर देते हैं। शो के अंत में रवीश ने कहा, ‘जीना यहां, मरना यहां, इसके सिवा जाना कहा’

गौरतलब है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा गठित एक अंतर-मंत्रालय समिति की सिफारिश के बाद गुरुवार को एनडीटीवी इंडिया न्यूज चैनल को आदेश दिया गया कि वह एक दिन (9 नवंबर) के लिए प्रसारण रोके। समिति ने पठानकोट वायुसेना अड्डे पर इस साल जनवरी में हुए आतंकी हमले की कवरेज के संदर्भ में चैनल पर कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसपर एनडीटीवी इंडिया ने अपने बयान में कहा, ‘सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का आदेश प्राप्‍त हुआ है। बेहद आश्चर्य की बात है कि NDTV को इस तरीके से चुना गया। सभी समाचार चैनलों और अखबारों की कवरेज एक जैसी ही थी। वास्‍तविकता में NDTV की कवरेज विशेष रूप से संतुलित थी। आपातकाल के काले दिनों के बाद जब प्रेस को बेड़ियों से जकड़ दिया गया था, उसके बाद से NDTV पर इस तरह की कार्रवाई अपने आप में असाधारण घटना है।’

देखिए वीडियो

कार्रवाई पर देशभर से लोग एनडीटीवी का समर्थन कर रहे हैं। कई बड़े पत्रकारों ने भी एनडीटीवी का समर्थन किया।

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  1. R
    Rajeev
    Nov 5, 2016 at 12:28 pm
    Ravish is not understanding what most of the people and government want to say, as he him self has shown in his drama. He is guessing it. Now things are changing. You will not have facility to support terrorists, naxals and anti nationals. Stop your nonsense. Speak up only news we will take its meaning. Do put your agenda in our mind. We know want to take and not.
    (0)(0)
    Reply
    1. Surendra Batra
      Nov 5, 2016 at 3:23 pm
      रबिश खुमार खिसियाहट में कहीं खुद को नोचने न लगें,भाजपा व मोदी विरोध में यह अपनी सीमायें पार कर गया है
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      1. B
        B K
        Nov 5, 2016 at 11:08 am
        AAPLOG ABHIVYAKTI KI AJADI KE NAAM per ATANKBAD KE SAMARTHAN KI AJADI KI MANG KAR RAHE HAI.
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        Reply
        1. B
          B K
          Nov 5, 2016 at 11:07 am
          Desh birodhi gati bidhi me samil logo ke liye screen black karna kis najar se abhivyakti ki ajadi hai. mai ek aam nagrik ho desh bhakti aur desh virodhi me antar kar sakta ho. NDTV sirf usi subject ko utata hai jo desh ko torne ke kaam karte ho. jaise desh virodhi ko sahi thahrane ke kiye logic dena. na jane kyo NDTV ya es jaise ko es desh se nafrat hai aur stan se pyar. agar yahi baat hai to aap swatantra hai stan jane ke liye.
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          1. बलराम
            Nov 5, 2016 at 4:59 am
            NDtv पर हमेशा के लिए बैन लेना चाहिए, लगरहा था आतंकियों को ये खबरे देरहे है, कसम से देखो यार वो न्यूज़, शर्म करो तुम, देश से गद्दारी, रविश को मैं अच्चा समझ ता था , ये तो सबसे बड़ा निकला.
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            1. Load More Comments