देशभर में NEET पेपर लीक को लेकर जारी छात्र आंदोलन और राजनीतिक घमासान के बीच भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। भाजपा सांसद और अभिनेता रवि किशन का मानना है कि सोशल मीडिया आज ऐसी ‘बड़ी और अनजान ताकत’ बन चुका है जो किसी को रातों-रात बना भी सकता है और खत्म भी कर सकता है।
द इंडियन एक्सप्रेस के आइडिया एक्सचेंज कार्यक्रम में उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव, NEET पेपर लीक, छात्र आंदोलन, यूपी चुनाव, सेंसरशिप और राजनीति जैसे कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने पेपर लीक के दोषियों के लिए उम्रकैद की सजा की वकालत की और कहा कि छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। पेश हैं बातचीत की प्रमुख बातें…
सवाल: प्रधानमंत्री ने नए कानून और फास्ट-ट्रैक कोर्ट की बात कही है। क्या इससे भरोसा लौटेगा?
जवाब: यह बहुत बड़ा फैसला है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं। अगर विपक्ष भी साथ आए तो संसद में ऐसा सख्त कानून बनाया जा सकता है कि भविष्य में कोई पेपर लीक करने की हिम्मत न करे। मेरी राय है कि ऐसे अपराधियों को उम्रकैद की सजा मिलनी चाहिए, क्योंकि वे लाखों छात्रों और परिवारों के भविष्य से खेलते हैं।
सवाल: छात्रों को अब भी लगता है कि सरकार उनकी बात पूरी तरह नहीं सुन रही।
जवाब: अगर प्रधानमंत्री आधी रात को देश को संबोधित कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि छात्रों की आवाज़ उन तक पहुंची है। सरकार लगातार इस मुद्दे पर चर्चा कर रही है। मुझे पूरा भरोसा है कि छात्रों की सभी जायज़ मांगों पर गंभीरता से काम होगा।
सवाल: क्या छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है?
जवाब: छात्रों का आंदोलन उनके मुद्दों तक सीमित रहना चाहिए। इसमें दूसरे राजनीतिक नारे या एजेंडे नहीं आने चाहिए। जो बच्चे अपने भविष्य के लिए सड़क पर हैं, उनकी मूल मांगों पर ही ध्यान रहना चाहिए।
सवाल: क्या इस आंदोलन का असर उत्तर प्रदेश चुनाव पर पड़ेगा?
जवाब: मुझे ऐसा नहीं लगता। उत्तर प्रदेश के युवा सरकार के काम देख रहे हैं। वे चाहते हैं कि भविष्य में पेपर लीक न हो और सरकार इसी दिशा में कदम उठा रही है। इसलिए इसका चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सवाल: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर आपका क्या कहना है?
जवाब: यह फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का है। मैं इस पर टिप्पणी नहीं करूंगा। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि पेपर लीक के दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए कि भविष्य में कोई इस तरह का अपराध करने की हिम्मत न करे।
सवाल: सोशल मीडिया की भूमिका को आप कैसे देखते हैं?
जवाब: सोशल मीडिया आज बहुत बड़ी और अनजानी ताकत बन गया है। यह किसी को रातों-रात बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है। इसलिए इसका इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए।
सवाल: सेंसरशिप पर आपका क्या नजरिया है?
जवाब: सेंसर बोर्ड को अपना काम करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए लेकिन फिल्मकारों की भी जिम्मेदारी है कि वे किसी जाति, समुदाय, इतिहास या आस्था को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री ना बनाएं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों साथ-साथ चलनी चाहिए।
सवाल: क्या अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक सही है?
जवाब: अगर किसी सामग्री से किसी समुदाय या इतिहास को ठेस पहुंचती है तो उसे सुधारने में हर्ज नहीं है। उद्देश्य फिल्म का संदेश होना चाहिए, विवाद नहीं।
सवाल: क्या छात्र आंदोलन का असर 2027 के यूपी चुनाव पर पड़ेगा?
जवाब: मुझे ऐसा नहीं लगता। युवाओं को सरकार के काम पर भरोसा है और वे चाहते हैं कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा न हों।
सवाल: CJP और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका को आप कैसे देखते हैं?
जवाब: मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि देश का नुकसान मत कीजिए। फॉलोअर्स बढ़ाइए, पैसा कमाइए लेकिन देशहित सबसे ऊपर होना चाहिए।
सवाल: क्या भाजपा नेतृत्व आपकी बात सुनता है?
जवाब: मुझे कोई शिकायत नहीं है। प्रधानमंत्री अच्छे श्रोता हैं। जो भी कहना होता है, मैं सीधे जाकर कह देता हूं।
सवाल: क्या आप ‘योगी कैंप’ के करीब होने का फायदा मिलता है?
जवाब: मैं गोरखपुर से सांसद हूं, इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मेरा अच्छा तालमेल है। लेकिन मैं राजनीति बिना किसी निजी स्वार्थ के करता हूं।
सवाल: क्या राम मंदिर दान चोरी का मामला यूपी चुनाव को प्रभावित करेगा?
जवाब: बिल्कुल नहीं। आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। लोगों की आस्था भगवान राम और योगी आदित्यनाथ पर कायम है। इसका चुनाव पर असर नहीं पड़ेगा।
सवाल: क्या सोशल मीडिया आज राजनीति और आंदोलनों को प्रभावित कर रहा है?
जवाब: सोशल मीडिया बहुत बड़ी और अनजान ताकत बन चुका है। यह रातों-रात किसी को बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है। इसलिए इसका जिम्मेदारी से इस्तेमाल होना चाहिए।
सवाल: क्या पेपर लीक के आरोपियों को फांसी या उम्रकैद जैसी सख्त सजा मिलनी चाहिए?
जवाब: मैं चाहता हूं कि ऐसा कानून बने जिसमें पेपर लीक करने वालों को उम्रकैद मिले। वे लाखों परिवारों के भविष्य से खेलते हैं। संसद में सभी दल साथ आएं तो ऐसा कानून बनाया जा सकता है।
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब अगला चुनाव आएगा तो गोरखपुर के सांसद रवि किशन की जगह हो सकता है कोई महिला दावेदार भी हो जाए। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
