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रविदास मंदिर पर सियासत तेज: दिल्ली असेंबली ने पारित किया प्रस्ताव- ‘जहां तोड़ा गया, वहां आप सरकार बनाएगी भव्य मंदिर’

प्रस्ताव में कहा गया है कि जहां पर मंदिर तोड़ा गया है वहीं पर केंद्र सरकार से जमीन मिलने के बाद मंदिर का निर्माण किया जाएगा।

Author नई दिल्ली | Updated: August 22, 2019 8:39 PM
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस

दक्षिण दिल्ली में संत रविदास का एक मंदिर गिराए जाने के बाद खिलाफ दलितों में आक्रोश है। इस मुद्दे पर सियासत भी शुरू हो चुकी है।दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने गुरुवार (22 अगस्त 2019) को फैसला किया कि जहां मंदिर तोड़ा गया, वहां भव्य मंदिर बनाया जाएगा। दिल्ली विधानसभा ने इसके लिए प्रस्ताव भी पारित कर दिया है।

इस प्रस्ताव में कहा गया है कि जहां पर मंदिर तोड़ा गया है वहीं पर केंद्र सरकार से जमीन मिलने के बाद मंदिर का निर्माण किया जाएगा। प्रस्ताव में कहा गया है है कि मंदिर तोड़े जाने से करोड़ों भारतीय लोगों की आस्था आहत हुई है। इसी का ख्याल रखते हुए यह फैसला लिया गया है। मालूम हो कि दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है और यहां की जमीन केंद्र सरकार के अधीन है। केजरीवाल सरकार ने इसीलिए केंद्र सरकार से जमीन मिलने के बाद निर्माण शुरू करने की बात कही है।

वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर राजनीति न करने की बात कही है। उन्होंने ट्वीट कर कहा ‘संत रविदास मंदिर तोड़े जाने पर लोग बहुत क्षुब्ध हैं। मेरी बिनती है कि इस मुद्दे पर राजनीति ना करें। केंद्र सरकार कृप्या अध्यादेश लाकर ये जमीन मंदिर के लिए दे दें। ये जमीन फॉरेस्ट की है। बदले में दिल्ली सरकार 100 एकड जमीन पर घने पेड़ लगाएगी और संत रविदास जी का भव्य मंदिर बनाएगी।’

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने उच्चतम न्यायालय के आदेश पर 10 अगस्त को मंदिर गिरा दिया था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से दोबारा मंदिर बनाने की मांग की है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे राजनीतिक रंग न देने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद ये मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। बता दें कि तुगलकाबाद स्थित इस मंदिर पर तोड़फोड़ की गई जिसके बाद यहां भीम आर्मी के लोगों ने जमकर उत्पात मचाया। जिसके बाद भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

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