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अरुणाचल प्रदेश में भारतीय वैज्ञानिकों और फोटोग्राफरों ने ढूंढी आदिम वानर की नई प्रजाति

पूर्वोत्तर के वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों और जीवविज्ञानियों ने अरूणाचल प्रदेश में वानर की एक नयी प्रजाति देखी है। वन्यजीव संरक्षण संगठन ने बताया कि प्राइमेट परिवार के व्हाइट चीक्ड मकाक को सबसे पहले अरूणाचल प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अंजा जिले में देखा गया।

Author गुवाहाटी | April 24, 2016 15:26 pm
फोटो- रंजन कुमार दास के फेसबुक अकाउंट से

पूर्वोत्तर के वाइल्डलाइफ फोटोग्राफरों और जीवविज्ञानियों ने अरूणाचल प्रदेश में वानर की एक नई प्रजाति देखी है। वन्यजीव संरक्षण संगठन ने बताया कि प्राइमेट परिवार के व्हाइट चीक्ड मकाक को सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी हिस्से में अंजा जिले में देखा गया।वन्यजीव छायाकारों और जीवविज्ञानियों के जिस समूह ने प्राइमेट की नयी प्रजाति को देखा उनमें डॉ रंजन कुमार दास, उदयन बोर्थाकुर और डॉ दिलीप क्षेत्री तथा पेशेवर पक्षी गाइड बिनान्दा हातिबारूआ भी थे। मार्च 2016 में यह दल ‘बर्डवाचिंग’ के लिए देश के बिल्कुल पूर्वी हिस्से में स्थित इस जिले में गया था जहां उसे व्हाइट चीक्ड मकाक नजर आए।

दौरे के समय मकाक के समूह की तस्वीरें ली गईं और उनके आधार पर पुष्टि हुई कि यह प्रजाति व्हाइट चीक्ड मकाक है। अब तक उपलब्ध जानकारी के मुताबिक व्हाइट चीक्ड मकाक एक नयी प्रजाति है और जिसे सबसे पहले चीन में दक्षिण पूर्वी तिब्बत के मोदोग में साल 2015 में डॉ ली चेंग और उनके समूह ने देखा था।

व्हाइट चीक्ड मकाक की पहली तस्वीरें लेने वालों में से एक, प्रख्यात पक्षी विशेषज्ञ डॉ रंजन कुमार दास ने बताया, “इस खोज को लेकर और अपनी ली हुई तस्वीरों के जरिये इस प्रजाति के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करने में योगदान देने को लेकर मैं बहुत उत्साहित हूं।” प्राइमेटोलॉजिस्ट डॉ दिलीप क्षेत्री ने बताया, “हमारे आकलन, तस्वीरों और विशेषज्ञों की टिप्पणी के आधार पर हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि जिन मकाक को हमने अरूणाचल प्रदेश के अंजा जिले में देखा और तस्वीरें लीं वह व्हाइट चीक्ड मकाक हैं।”

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