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रेप पीड़िता की मां ने लगाए नारे तो प्रियंका गांधी को बीच में ही रोकना पड़ा भाषण, मिला दिया CM को फोन

मथुरा में प्रियंका गांधी किसानों की एक सभा को संबोधित कर रही थीं तभी एक रेप पीड़िता की मां ने नारेबाजी शुरू कर दी। प्रियंका ने बीच में भी भाषण रोक दिया और मुख्यमंत्री को फोन लगा दिया।

Priyanka Gandhi, kisan mahapanchayatमथुरा में प्रियंका गांधी का स्वागत करती महिलाएं। फोटो- पीटीआई

उत्तर प्रदेश के मथुरा में किसानों की एक सभा के दौरान प्रियंका गांधी को अपना भाषण बीच में ही रोकना पड़ा। दरअसल जब वह भाषण दे रही थीं तभी एक रेप पीड़िता की मां ने न्याय मांगते हुए नारे लगाए। महिला राजस्थान की रहने वाली थी जहां कांग्रेस का शासन है। उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे भरतपुर की रहने वाली महिला की बेटी के साथ कथित तौर पर रेप हुआ था। वह मथुरा में अपने रिश्तेदारों के घर पर थी।

प्रियंका गांधी मंच पर भाषण दे रही थी तभी महिला ने नारे लगाने शुरू कर दिए। प्रियंका ने भाषण रोका और महिला को एक तरफ ले गई्ं। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री का नंबर मिलाया और कहा कि रेप पीड़िता की मदद करें। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री ने भी तुरंत कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसपर ट्वीट कर कहा कि प्रियंका गांधी हमेशा दोहरा रवैया अपनाती हैं।

यूपी के सीएम के मीडिया आडवाइजर सलभ मणि त्रिपाणी ने ट्वीट कर कहा, ‘ये आंसू न तो प्रियंका जी को दिखाई देंगे और न ही मीडिया को। महिला की मासूम बच्ची के साथ रेप हुआ। उसे प्रियंका गांधी की रैली में आना पड़ा। राजस्थान में सबसे ज्यादा रेप की घटनाएं होती हैं लेकिन राहुल और प्रियंका गांधी वहां नहीं जाते। न तो वे इनका मुद्दा उठाते हैं और न ही न्याय की बात करते हैं।’

बता दें कि प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की महासचिव हैं और वह अकसर यूपी के आयोजनों में हिस्सा लेती रहती हैं। इस दौरान वह किसान महापंचायतों में सक्रिय हैं। मौनी अमावस्या के मौके पर वह प्रयागराज पहुंची थीं और गंगा में डुबकी भी लगाई थी। वह योगी सरकार को महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर घेरती रहती हैं।

मथुरा की सभा में प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और कहा कि गोवर्धन बचा लो वरना मोदी सरकार यह भी बेच देगी। उन्होंने कहा, ‘आज किसान सड़क पर बैठा है, वह अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहा है। कई किसान शहीद हो गए। सरकार ने बीजली काट दी, पानी बंद कर दिया, मारपीट कराई लेकिन उनकी बात नहीं सुनी। किसानों से बात करने के लिए न वे आए और न ही किसी को भेजा। नेता जब जनता से अलग हो जाता है तो उसकी नीतियां भी जनता से अलग होती हैं।’ प्रियंका गांधी ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता भी पढ़ी और कहा कि जब नाश मनुष्य पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है।

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