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राणा कपूर के परिवार ने ‘दलाली’ के पैसे खपाने के लिए खोली थीं 78 कंपनियां, ED के निशाने पर लुटियंस दिल्ली से लेकर अमेरिका तक की 40 संपत्तियां

सूत्रों के मुताबिक राणा कपूर द्वारा कथित तौर पर खरीदी गई 40 संपत्तियों में से 28 के करीब भारत में हैं। इनमें भी अधिकतर संपत्तियां दिल्ली और खासतौर पर वीआईपी लुटियन जोन में हैं। 12 संपत्तियां यूके और अमेरिका में हैं।

Kautilya Margदिल्ली में राणा कूपर की संपत्ति (फोटो: अमित मेहरा)

येस बैंक के प्रमोटर राणा कपूर और उनके परिवार ने ‘दलाली’ का पैसा खपाने के लिए ना सिर्फ 78 कंपनियां खोली बल्कि इस धन का भारत और विदेश में 40 से अधिक संपत्तियों में निवेश किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच में यह जानकारी मिली है। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने इन संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों का पता लगाया है और वर्तमान में उनका सत्यापन किया जा रहा है। ईडी सूत्रों के मुताबिक राणा कपूर द्वारा कथित तौर पर खरीदी गई 40 संपत्तियों में से 28 के करीब भारत में हैं। इनमें भी अधिकतर संपत्तियां दिल्ली और खासतौर पर वीआईपी लुटियन जोन में हैं। 12 संपत्तियां यूके और अमेरिका में हैं।

ईडी सूत्रों के मुताबिक यूएस और यूके में कपूर परिवार के स्वामित्व वाली कंपनियों ने होटल और क्लबों में निवेश किया। वास्तव में, बड़ी संख्या में उनकी कंपनियों में रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी की सहायक कंपनियां हैं। ईडी ने आरोप लगाया कि येस बैंक ने विभिन्न कंपनियों को हजारों करोड़ रुपए का कर्ज दिया। उनमें से बड़ी संख्या में गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थान हैं। जिनमें से कई बाद में एनपीए के करीब पहुंच गए। राणा कपूर ने कथित तौर पर कंपनियों के साथ साजिश रची और उन्हें अपनी पत्नी और बेटियों द्वारा संचालित फर्मों में निवेश करवाया।

जांच एजेंसी के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में येस बैंक की बकायदार कंपनियों से कपूर परिवार के स्वामित्व वाली फर्मों को 4,000 करोड़ रुपए से अधिक प्राप्त हुए। सीबीआई ने इस बारे में राणा कपूर और उनकी पत्नी बिंदू के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया है।

बता दें कि संकटग्रस्त येस बैंक ने दिसंबर, 2019 में समाप्त हुई तिमाही में उसे 18,564 करोड़ रुपए का घाटा होने की शनिवार को जानकारी दी। निजी क्षेत्र के इस बैंक का संचालन फिलहाल भारतीय रिजर्व बैंक के आदेश पर प्रशांत कुमार कर रहे हैं। बैंक ने पिछले साल इसी अवधि में 1,000 करोड़ रुपए का लाभ दर्ज किया था और सितंबर में समाप्त हुई तिमाही में 629 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।

येस बैंक की गैर-निस्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) दिसंबर तिमाही में 18.87 प्रतिशत हो गई हैं जो पिछली तिमाही (सितंबर) में 7.39 प्रतिशत थीं। साथ ही बैंक के पास अनिवार्य रूप से रखी जाने वाली नकदी में भी गिरावट आई है। केन्द्रीय मंत्रिमंडल की ओर से मंजूरी प्राप्त योजना के तहत कुमार बैंक के नए मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक हो सकते हैं। (एजेंसी इनपुट)

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