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नरेंद्र मोदी का ट्रंप कार्ड? जानिए, कौन हैं बीजेपी के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद

कोविंद कानपुर के डीएवी लॉ कॉलेज से कानून स्नातक हैं। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल 16 सालों तक प्रैक्टिस की है।

रामनाथ कोविंद (दाहिने) हो सकते हैं देश के अगले राष्ट्रपति।

बिहार के मौजूदा राज्यपाल रामनाथ कोविंद देश के अगले राष्ट्रपति हो सकते हैं। बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को इसका एलान किया। माना जा रहा है कि दलित चेहरा होने की वजह से कोविंद का चुना जाना तय है। बीजेपी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा राजद अध्यक्ष लालू यादव और यूपी में समाजवादी पार्टी और बसपा से समर्थन की उम्मीद जताई है। उनके नाम का एलान होने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई नेताओं से फोन पर बात की है।

71 साल के कोविंद उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के डेरापुर तहसील के झींझक कस्बे के एक छोटे से गांव परौख के रहने वाले हैं। उनका जन्म 01 अक्टूबर 1945 को हुआ था। कोविंद की शुरुआती शिक्षा संदलपुर ब्लॉक के गांव खानपुर से हुई। कानपुर के डीएवी लॉ कॉलेज से वो कानून स्नातक हैं।

राष्ट्रपति चुनाव की बात सुनने और देखने में जितनी आसान लगती है, असल में यह उतनी ही टेढ़ी खीर है। देश की सबसे ताकतवर कुर्सी के लिए जनता मतदान नहीं करती। जी हां, राष्ट्रपति को सीधे तौर पर लोग खुद नहीं चुन सकते। राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया में विधायक और सांसद वोट देते हैं। ऐसे गिने जाते हैं उनके मत।

कोविंद साल 1977 से 1979 तक केंद्र सरकार की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में वकील थे। इसके बाद 1980 से 1983 तक वो सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से स्टैंडिंग काउंसिल रह चुके हैं। उन्होंने 1993 तक दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कुल 16 सालों तक प्रैक्टिस की है। 8 अगस्त 2015 को उन्हें बिहार का गवर्नर नियुक्त किया गया था।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को गुलदस्ता भेंट करते हुए बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद। (फाइल फोटो)

कोविंद साल 1977 में केंद्र में बनी जनता पार्टी की सरकार में प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई के निजी सचिव भी रह चुके हैं। इसके बाद वो बीजेपी से जुड़ गए। रामनाथ कोविंद साल 1994 से लेकर साल 2006 तक संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। साल 1990 में उन्होंने यूपी के घाटमपुर लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था। साल 2007 में कोविंद ने भोगनीपुर विधान सभा सीट से भी चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वो बीजेपी के महामंत्री भी रह चुके हैं। बीजेपी राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष, महामंत्री और प्रवक्ता भी रह चुके हैं।

राष्ट्रपति चुनाव 2017 बेहद करीब है। चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में सुगबुगाहट तेज हो गई है। नए राष्ट्रपति के नाम को लेकर सभी बैठकें और विचार-विमर्श में जुटे हैं। तो आइए जानते हैं कि इस बार के चुनाव में दिख सकती है कुछ इस तरह की तस्वीर।

रामनाथ कोविंद संयुक्त राष्ट्र में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने साल 2002 में यूएन महासभा की बैठक को संबोधित किया था। राज्यसभा में रहते हुए उन्होंने नेपाल, थाईलैंड, जर्मनी, स्विटजरलैंड, फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम, पाकिस्तान, अमेरिका की यात्रा कर चुके हैं।

कोविंद लखनऊ के डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट बोर्ड के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा वो आईआईएम कोलकाता के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में भी रह चुके हैं।

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