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फौजी बोला- खतरा उन लोगों से है जो यहां रहकर भारत मुर्दाबाद के नारे लगाते हैं, किरण रिजिजू ने पोस्ट की वीडियो

रिजिजू द्वारा पोस्ट किया गया यह वीडियो सबसे पहले सार्वनजिक तौर पर जनवरी 2016 में सामने आया था।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस में जारी घमासान के बीच केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने बुधवार को ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट की है, जिसमें एक सेना की वर्दी पहने एक जवान संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु के प्रति सहानुभूति रखने वालों को कड़ा जवाब दे रहा है। श्रीराम गोरडे नाम के इस जवान ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के एक धड़े और 29 सितंबर को पाक अधिकृत कश्मीर में इंडियन आर्मी द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वालों को भी आड़े हाथों लिया है। रिजिजू द्वारा पोस्ट किया गया यह वीडियो सबसे पहले सार्वनजिक तौर पर जनवरी 2016 में सामने आया था।

यह है वीडियो में : हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए श्रीराम कहते हैं कि हम आतंकवाद से लड़ते हैं, माओवाद से लड़ते हैं। लेकिन अब एेसा लग रहा है कि देश को सबसे बड़ा खतरा इन लोगों से नहीं बल्कि भारत मुर्दाबाद के नारे लगाने वालों से है। जो हमारे देश में रहते हुए भी तिरंगे को जलाते हैं। वह कहते हैं कि हमें अफजल गुरु को फांसी पर लटकाए जाने का दुख नहीं होता, बल्कि दुख तब होता है जब लोग नारे लगाते हुए कहते हैं-अफजल हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं। श्रीराम कहते हैं कि बुरा इस बात का लगता है जब एेसी बात कहने वालों के पीछे हजारों-लाखों लोग खड़े हो जाते हैं। वह कहते हैं मुंबई हमले का मास्टर माइंड याकूब मेमन को फांसी की सजा सुनाई गई, लेकिन बुरा तब लगता है, जब एक आतंकवादी के जनाजे में हमारे देश के लाखों लोग और जनसैलाब उमड़ पड़ता है।

वीडियो में वह आगे कहते हैं कि हर दिन देश की रक्षा के लिए जवान शहीद होते हैं, लेकिन बुरा तब लगता है, जब हमारे देश के ही लोग पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक करने वाली भारतीय सेना से उसका सबूत मांगते हैं। श्रीराम आगे कहते हैं कि संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरु को फांसी पर लटकाया जाता है, इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन बुरा तब लगता है जब हमारे देश में उसके लिए शोक मनाया जाता है और कश्मीर में बंद बुलाया जाता है। साथ ही जेएनयू यूनिवर्सिटी में उसे श्रद्धांजलि दी जाती है। बता दें कि पिछले साल दावा किया गया था कि जेएनयू में देशविरोधी नारे लगाए गए हैं, जिसके बाद पूरे देश में इस पर बहस छिड़ गई थी।

रामजस कॉलेज विरोध प्रदर्शन: उमर खालिद का सेमिनार रद्द होने पर भिड़े ABVP, AISA के कार्यकर्ताः

इसके बाद फरवरी 2017 में डीयू के रामजस कॉलेज में जेएनयू के छात्र उमर खालिद का सेमिनार एबीवीपी के विरोध के कारण रद्द हो गया था, जिसके बाद वहां AISA और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई भी हुई थी। एक वीडियो में यह भी दावा किया गया था कि वहां देशविरोधी नारे भी लगाए गए हैं। यह वीडियो पोस्ट करते हुए रिजिजू ने लिखा कि दर्द समुद्र से भी गहरा होता है। बहुत दुख होता है जब हमारे जवानों को एेसा कहने पर मजबूर होना पड़ता है।

यहां देखें वीडियो ः

रामजस विवाद: किरण रिजिजू ने कहा- जवानों की मौत पर जश्न मनाते हैं ये वामपंथी, देखें वीडियो ः

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