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भारत को हमला करके POK पर कर लेना चाहिए कब्जा, करवा दे पाकिस्तान के 3 टुकड़े: बाबा रामदेव

इससे पहले योग गुरु बाबा रामदेव ने एक कार्यक्रम में कहा था कि चीन शांति की भाषा नहीं समझता। रामदेव ने कहा कि जो जैसा करता है उसे वैसी ही भाषा में समझाना चाहिए।

ramdevयोग गुरु बाबा रामदेव ने एक निजी टीवी चैनल से कहा कि भारत को पाकिस्तान से युद्ध कर लेना चाहिए।

योग गुरु बाबा रामदेव ने रविवार (13 अगस्त) को कहा कि भारत को आक्रमण कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पर फिर से कब्जा कर लेना चाहिए, साथ ही उन्होंने चीनी वस्तुओं का पूरी तरह बहिष्कार करने का आह्वान भी किया। समाचार चैनल इंडिया टीवी के एक कार्यक्रम
के दौरान रामदेव ने कहा, “हमारे कितने जवान शहीद हो रहे हैं। वे (पाकिस्तान) हम पर बार-बार हमले कर रहे हैं। इस तरह के सारे
हमलों को खत्म करने के लिए एक युद्ध क्यों न किया जाए? हमें हमला कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को जीतकर फिर से
भारत में मिला लेना चाहिए।”

योग गुरु रामदेव ने कहा, “भारत को बलूचिस्तान की आजादी के आंदोलन का समर्थन करना चाहिए और पाकिस्तान के तीन टुकड़े कर देने चाहिए।” योग गुरु से विशाल कारोबारी बन चुके रामदेव ने खुलासा किया कि उनकी कंपनी जम्मू एवं कश्मीर में 150 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया में है, जिस पर स्थापित कारखाने में जल्द ही कश्मीरी युवाओं को नौकरी दी जाएगी। रामदेव ने साथ ही यह भी दावा किया कि योग में प्रशिक्षित व्यक्ति कभी भी आतंकवादी नहीं बन सकता और इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि योग में पारंगत कोई व्यक्ति आतंकवादी बना हो।

रामदेव ने चीनी वस्तुओं का पूरी तरह बहिष्कार करने का आह्वान भी किया और कहा कि चीन, पाकिस्तान को आतंकवादी गतिविधियों
में मदद करता रहा है। उन्होंने कहा, “हम आसानी से चीन से आगे निकल सकते हैं और सुपरपॉवर बन सकते हैं।” रामदेव ने कहा कि वह हाफिज सईद, दाऊद इब्राहिम और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के प्रति बेहद आशावान हैं। रामदेव ने कहा, “2019 तक इंतजार कीजिए, मेरे खयाल से हम ऐसा कर सकते हैं।”

इससे पहले योग गुरु बाबा रामदेव ने एक कार्यक्रम में कहा था कि चीन शांति की भाषा नहीं समझता। रामदेव ने कहा कि जो जैसा करता है उसे वैसी ही भाषा में समझाना चाहिए। रामदेव ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि हम योग की भाषा में बात करते हैं लेकिन जब कोई यह नहीं समझ पाता है तो ऐसे लोगों को युद्ध की भाषा में जवाब देना जरूरी है। इसके बाद बाबा रामदेव ने कहा कि चीन शांति बनाए रखने पर यकीन नहीं करता है। अगर चीन ने शांति बनाए रखने पर विश्वास किया होता तो आज दलाई लामा यहां नहीं होते। कार्यक्रम में दलाई लामा भी मौजूद थे।

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