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मोदी सरकार के मंत्री का बयान- अयोध्या में न राम मंदिर था न मस्जिद, वहां बौद्ध मंदिर था

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि अयोध्या में न तो राम मंदिर था और न हीं मस्जिद। वहां बौद्ध मंदिर था। जमीन के नीचे खुदाई करने पर बुद्ध की मूर्तियां और बुद्ध मंदिर के अवशेष मिलेंगे।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

अक्सर अपने बयानों से चर्चा में बने रहने वाले केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि अयोध्या में न तो राम मंदिर था और न हीं मस्जिद। वहां बौद्ध मंदिर था। यदि उस जगह की खुदाई की जाए तो बौद्ध मंदिर के अवशेष मिल जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एससी-एसटी एक्ट को लेकर सवर्णों को गलतफहमी हुई है। आज भी वही एक्ट है जो पहले से लागू था।  मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान के जयपुर में शनिवार (15 सितंबर) को एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि, “हिंदुओं ने बुद्ध मंदिर को तोड़ दिया और राम मंदिर बनाया। मुसलमानों ने राम मंदिर तोड़ दिया और वहां मस्जिद बना दी। अब मस्जिद को तोड़ दिया गया है। मेरा सुझाव है कि वहां की 66 एकड़ जमीन को हिंदुओं और मुसलमों के बीच बांट दिया जाए। 40 से 45 एकड़ हिंदुओं को मंदिर निर्माण के लिए और 20 से 25 एकड़ मुसलमानों को मस्जिद निर्माण के लिए दे दिया जाए। हिंदू अपना मंदिर बनाएं और मुसलमान अपना मस्जिद बनाएं।”

उन्होंने आगे कहा कि, “इलाहाबाद हाईकोर्ट का जजमेंट ऐसा है कि वहां की जमीन को कई पक्षों को बांटने के लिए कहा गया है। मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है। अभी इस पर किसी तरह का फैसला नहीं आया है। लेकिन मुझे लगता है कि जो कुछ भी हो, वह आम सहमति से हो। देखा जाए तो वह जगह ऑरिजनली बौद्ध मंदिर की है। वहां जमीन के नीचे खुदाई करने पर बुद्ध की मूर्तियां और बुद्ध मंदिर के अवशेष मिलेंगे। लेकिन हम इन दोनों के झगड़े में नहीं आना चाहते हैं। कोर्ट यह फैसला दे सकता है कि आपलोग बैठकर आम सहमति से विचार करो।”

केंद्रीय मंत्री ने एससी-एसटी एक्ट पर सवर्णों की नाराजगी को लेकर कहा कि, “उन्हें गलतफहमी हुई है। सवर्णों के भारत बंद का असर भाजपा शासित राज्यों में ज्यादा दिखा, क्योंकि इसके पीछे कांग्रेस का हाथ था। चुनाव को देखते हुए ऐसा माहौल कायम किया जा रहा है। मैं सवर्ण समाज के लोगों से कहता हूं कि एससी-एसटी एक्ट से डरने की जरूरत नहीं है। वे दलितों के साथ दोस्ती बढ़ाएं। आंदोलन करने से एससी-एसटी और ओबीसी का आरक्षण खत्म होने वाला नहीं है।”

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